Bihar Pink Bus Service: कॉलेज जाने के लिए लंबी दूरी तय करने वाली छात्राओं की चिंता अब जल्द खत्म होने वाली है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने नए डिग्री कॉलेजों को ‘पिंक बस सेवा’ से जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। भागलपुर, बांका, पीरपैंती, गोराडीह, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा जैसे कई जिलों की हजारों छात्राओं को इस पहल से सीधा लाभ मिलेगा। यह सेवा छात्राओं की पढ़ाई को आसान बनाने के साथ-साथ उनके सफर को भी सुरक्षित बनाएगी।
खुशखबरी! बिहार की बेटियों के लिए आ रही ‘पिंक बस’, कॉलेज जाना अब होगा बेहद आसान और सुरक्षित
Bihar Pink Bus Service: कॉलेज जाने के लिए लंबी दूरी तय करने वाली छात्राओं की चिंता अब जल्द खत्म होने वाली है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने नए डिग्री कॉलेजों को ‘पिंक बस सेवा’ से जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। भागलपुर, बांका, पीरपैंती, गोराडीह, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा जैसे कई जिलों की हजारों छात्राओं को इस पहल से सीधा लाभ मिलेगा। यह सेवा छात्राओं की पढ़ाई को आसान बनाने के साथ-साथ उनके सफर को भी सुरक्षित बनाएगी।






कॉलेजों में नियमित कक्षाएं शुरू होते ही सड़कों पर उतरेंगी बसें
उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए गांव और कस्बों से आने वाली छात्राओं को अक्सर सार्वजनिक परिवहन की कमी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने नए डिग्री कॉलेजों के लिए भागलपुर समेत कई जिलों में पिंक बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले यह सेवा 1 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन कॉलेजों में नियमित कक्षाओं की तारीख आगे बढ़ने के कारण बसों का परिचालन फिलहाल टाल दिया गया है। जैसे ही कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने की नई तिथि घोषित होगी, पिंक बसें अपने निर्धारित रूटों पर चलने लगेंगी।
भागलपुर और मुंगेर डिपो से होगा बसों का संचालन
भागलपुर पथ परिवहन निगम ने गोराडीह और पीरपैंती के नए डिग्री कॉलेजों के लिए एक-एक पिंक बस चलाने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, बांका जिले के चार नए डिग्री कॉलेजों तक छात्राओं को पहुंचाने के लिए तीन पिंक बसें चलाई जाएंगी। भागलपुर डिपो के पास अभी कुल छह पिंक बसें उपलब्ध हैं, जिनसे यह सेवा शुरू की जाएगी।
यह योजना सिर्फ भागलपुर प्रमंडल तक सीमित नहीं है। भागलपुर पथ परिवहन निगम के अंतर्गत आने वाले मुंगेर बस डिपो से भी पिंक बसों का संचालन किया जाएगा। मुंगेर डिपो में उपलब्ध छह बसों में से तीन बसें जमुई, लखीसराय और शेखपुरा के नए डिग्री कॉलेजों के लिए चलाई जाएंगी। इससे इन जिलों की छात्राओं को भी सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
नवगछिया की छात्राओं को अभी करना होगा इंतजार
नवगछिया की छात्राओं के लिए फिलहाल पिंक बस सेवा शुरू होने में देरी है। इसकी मुख्य वजह विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज पर बसों के परिचालन पर लगी रोक है। जब तक इस मार्ग पर बसों के आवागमन की अनुमति नहीं मिलती, तब तक नवगछिया रूट पर पिंक बस सेवा शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र की छात्राओं को अभी वैकल्पिक साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार ने बताया, ‘मुख्यालय से नए डिग्री कॉलेजों को पिंक बस सेवा से जोड़ने के निर्देश पहले ही मिल चुके हैं। भागलपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भी परिचालन की पूरी तैयारी कर ली है। जैसे ही कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने की सूचना मिलेगी, उसी के अनुरूप पिंक बस सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।’
छात्राओं की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता देते हुए, यह पहल उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की यह तैयारी पूरी हो चुकी है और अब बस कॉलेजों में नियमित कक्षाओं की नई तारीख घोषित होने का इंतजार है।
कॉलेजों में नियमित कक्षाएं शुरू होते ही सड़कों पर उतरेंगी बसें
उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए गांव और कस्बों से आने वाली छात्राओं को अक्सर सार्वजनिक परिवहन की कमी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने नए डिग्री कॉलेजों के लिए भागलपुर समेत कई जिलों में पिंक बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले यह सेवा 1 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन कॉलेजों में नियमित कक्षाओं की तारीख आगे बढ़ने के कारण बसों का परिचालन फिलहाल टाल दिया गया है। जैसे ही कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने की नई तिथि घोषित होगी, पिंक बसें अपने निर्धारित रूटों पर चलने लगेंगी।
बांका जिले के चार नए डिग्री कॉलेजों तक छात्राओं को पहुंचाने
भागलपुर पथ परिवहन निगम ने गोराडीह और पीरपैंती के नए डिग्री कॉलेजों के लिए एक-एक पिंक बस चलाने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, बांका जिले के चार नए डिग्री कॉलेजों तक छात्राओं को पहुंचाने के लिए तीन पिंक बसें चलाई जाएंगी। भागलपुर डिपो के पास अभी कुल छह पिंक बसें उपलब्ध हैं, जिनसे यह सेवा शुरू की जाएगी।
यह योजना सिर्फ भागलपुर प्रमंडल तक सीमित नहीं है। भागलपुर पथ परिवहन निगम के अंतर्गत आने वाले मुंगेर बस डिपो से भी पिंक बसों का संचालन किया जाएगा। मुंगेर डिपो में उपलब्ध छह बसों में से तीन बसें जमुई, लखीसराय और शेखपुरा के नए डिग्री कॉलेजों के लिए चलाई जाएंगी। इससे इन जिलों की छात्राओं को भी सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
नवगछिया की छात्राओं को अभी करना होगा इंतजार
नवगछिया की छात्राओं के लिए फिलहाल पिंक बस सेवा शुरू होने में देरी है। इसकी मुख्य वजह विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज पर बसों के परिचालन पर लगी रोक है। जब तक इस मार्ग पर बसों के आवागमन की अनुमति नहीं मिलती, तब तक नवगछिया रूट पर पिंक बस सेवा शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र की छात्राओं को अभी वैकल्पिक साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार ने बताया, ‘मुख्यालय से नए डिग्री कॉलेजों को पिंक बस सेवा से जोड़ने के निर्देश पहले ही मिल चुके हैं। भागलपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भी परिचालन की पूरी तैयारी कर ली है। जैसे ही कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने की सूचना मिलेगी, उसी के अनुरूप पिंक बस सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।’
छात्राओं की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता देते हुए, यह पहल उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की यह तैयारी पूरी हो चुकी है और अब बस कॉलेजों में नियमित कक्षाओं की नई तारीख घोषित होने का इंतजार है।








