Bihar Electricity: बिहार में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में कंपनी के राजस्व संग्रह, बिलिंग और बकाया वसूली की समीक्षा की गई, साथ ही उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को हुई।
राजस्व और उपभोक्ता सेवाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में राजस्व संग्रह, बिजली बिलिंग, बकाया वसूली, स्मार्ट प्रीपेड मीटर के रोलआउट और नए बिजली कनेक्शन के लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उपभोक्ता सेवाओं की स्थिति और विभागीय लक्ष्यों के मुकाबले प्रगति का भी आकलन किया। एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल (आईएएस) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस समीक्षा बैठक में उपस्थित थे। इस दौरान एसबीपीडीसीएल के वितरण नेटवर्क में परिचालन प्रदर्शन में सुधार के उपायों पर गहन चर्चा हुई। कंपनी का लक्ष्य अपनी दक्षता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।






अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
ऊर्जा सचिव अजय यादव ने अधिकारियों को राजस्व संग्रह के प्रयासों को मजबूत करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने सेवा वितरण में सुधार के महत्व पर भी बल दिया। यादव ने स्पष्ट किया कि प्रमुख परिचालन संकेतकों की नियमित निगरानी आवश्यक है।
“राजस्व वसूली के प्रयासों को मजबूत किया जाए और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल किए जाएं। उपभोक्ता सेवा वितरण में सुधार के साथ-साथ प्रमुख परिचालन संकेतकों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।”
हर हफ्ते होगी समीक्षा बैठक
एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने अधिकारियों को राजस्व संचालन पर साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रगति की लगातार निगरानी हो और प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले मुद्दों का समय पर समाधान हो सके। कंपनी ने बताया कि नियमित समीक्षा से जवाबदेही में सुधार होगा। यह राजस्व और उपभोक्ता सेवा पहल के कुशल कार्यान्वयन में भी सहायता करेगा, जिससे पटना सहित दक्षिण बिहार के सभी जिलों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
इन निर्देशों का उद्देश्य बिहार में बिजली वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। आने वाले समय में इन पहलों से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएं मिलने की उम्मीद है, साथ ही कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।








