Bihar LNMU: दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई विद्वत परिषद् की बैठक में नए शैक्षणिक कार्यक्रमों को हरी झंडी मिली है, जिससे विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुखी अवसर बढ़ेंगे। अब आरके कॉलेज, मधुबनी में MBA की साठ (60) सीटों पर नामांकन हो सकेगा, वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।
कुलपति के आवासीय सभाकक्ष में हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ शिक्षाविद् और अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रो एच के सिंह, प्रो लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’, डॉ शशि भूषण राय, प्रो मुश्ताक अहमद, प्रो संजीव कुमार मिश्र, प्रो अशोक कुमार मेहता, प्रो अरुण कुमार कर्ण, प्रो अनीश अहमद, प्रो संजय झा, प्रो अजय कुमार, प्रो विमल कुमार, प्रो उमेश कुमार, प्रो नारायण झा, प्रो इफ्तेखार अहमद, डॉ दिव्या रानी हंसदा, डॉ फूलो पासवान, डॉ अनिल कुमार चौधरी, डॉ राजकुमार साह, डॉ एस एन राय, डॉ शिखर वासिनी, डॉ सविता वर्मा, डॉ आरती साह, डॉ अनुरंजन, डॉ कृष्णकान्त झा, डॉ आमिर अली खान, डॉ मुकेश कुमार, डॉ अनिल कुमार मंडल, डॉ वीरेन्द्र कुमार चौधरी और मो गाजी सलाउद्दीन शामिल थे।






नए सत्र से शुरू होंगे MBA और बायोटेक्नोलॉजी के कोर्स
बैठक में आरके कॉलेज, मधुबनी में चालू 2026 सत्र से एमबीए (MBA) के लिए साठ (60) सीटों पर नामांकन की स्वीकृति दी गई है। यह निर्णय छात्रों को प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वनस्पति विभाग में इसी सत्र से बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति मिली है। विभागाध्यक्ष को इस प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए अधिकृत किया गया है। इन पहलों से छात्रों को आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इंटर्नशिप और नए अध्यादेश
विद्वत परिषद् ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। बिहार लोक भवन, पटना के पत्र के आलोक में, सीबीसी 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (पंचम सेमेस्टर) के अंतर्गत द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के बाद ‘एग्जिट प्वाइंट’ पर इंटर्नशिप कार्यक्रम की दिशा-निर्देशिका को स्वीकृति मिली है। साथ ही, अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के मंजूर किए गए अध्यादेश और नियमों में प्रस्तावित संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा ने कुलपति की अनुमति से बैठक का शुभारंभ करते हुए सभी सदस्यों का स्वागत किया। बैठक के अंत में डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार मेहता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इसके अतिरिक्त, विद्वत परिषद् की दिनांक 24.06.26 को संपन्न पिछली बैठक के निर्णयों की संपुष्टि की गई। बिहार लोक भवन, पटना से प्राप्त स्नातकोत्तर एक वर्षीय और दो वर्षीय अध्यादेश तथा विनियमों को संशोधन के साथ स्वीकार किया गया और आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक भवन को भेजने का अनुरोध किया गया। कुलाधिपति कार्यालय से प्राप्त सीबीसीएस स्नातक स्तरीय सेमेस्टर-4 (AEC-4) के एनएसएस पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
एम इन एजुकेशन कार्यक्रम को भी मिली मंजूरी
कुलाधिपति कार्यालय द्वारा प्राप्त स्नातकोत्तर दो वर्षीय (सेमेस्टर- एक एवं दो) को अनुमोदित किया गया। इसके बाद, सदस्यों ने संशोधित विनियमन और पाठ्यक्रम सहित अन्य विषयों को अंतिम स्वीकृति के लिए कुलाधिपति के पास भेजने का निर्णय लिया। निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले बीएड पाठ्यक्रम संचालित अंगीभूत कॉलेजों में एम इन एजुकेशन कार्यक्रम प्रारंभ करने का अनुमोदन भी किया गया है। इन सभी निर्णयों से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्रों के लिए अवसरों का विस्तार होगा।








