Bihar Liquor Seized: बिहार में शराबबंदी के बावजूद पड़ोसी देश नेपाल से शराब तस्करी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसी कड़ी में मधुबनी पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 513 लीटर नेपाली शराब जब्त की है। भैरवस्थान थाना क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान दो स्कॉर्पियो वाहनों के साथ पांच तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जो इस अवैध धंधे में लिप्त थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल बॉर्डर से भारी मात्रा में शराब दरभंगा ले जाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर भैरवस्थान थाना पुलिस ने जाल बिछाकर तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।






कैसे पकड़ी गई शराब की बड़ी खेप?
भैरवस्थान थाना अध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस को नेपाल से दरभंगा शराब ले जाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद शामियां और मेंहथ चौक पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान एक सिल्वर रंग की स्कॉर्पियो को रोका गया।
तलाशी लेने पर पुलिसकर्मी दंग रह गए। वाहन की डिक्की, बीच वाली सीट और डैशबोर्ड में बड़ी चतुराई से 300 एमएल वाली 1710 बोतलें छिपाई गई थीं, जिनमें कुल 513 लीटर नेपाली सौंफी शराब भरी हुई थी। जांच के दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त की गई, जो मुख्य वाहन के लिए ‘लाइनर’ यानी रास्ता साफ करने का काम कर रही थी।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार, क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो मुख्य रूप से शराब तस्करी में संलिप्त थे, जबकि तीन अन्य लाइनर का काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भैरवस्थान थाना के टडिया गांव निवासी मंतोष मंडल (27 वर्ष, पुत्र शिवजी मंडल) और राजनगर थाना के राम पट्टी हाथ निवासी पवन मंडल (32 वर्ष, पुत्र धनेश्वर मंडल) शामिल हैं। ये दोनों शराब की डिलीवरी का काम कर रहे थे।
लाइनर के तौर पर पकड़े गए तीन अन्य आरोपियों की पहचान अंधराठाढ़ी के मिलान गांव निवासी कमलेश कुमार यादव (24 वर्ष, पुत्र प्रयाग यादव), अंधराठाढ़ी थाना के राजनपुरा गांव निवासी छोटू कुमार पासवान (18 वर्ष, पुत्र लाल बाबू पासवान) और भैरवस्थान थाना के खैरा गांव निवासी प्रेम कुमार (21 वर्ष, पुत्र गंगा प्रसाद यादव) के रूप में हुई है। पुलिस ने जब्त की गई शराब और वाहनों के अलावा पांच स्मार्टफोन और एक की-पैड फोन भी बरामद किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आगे की कार्रवाई और जांच
भैरवस्थान थाना पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे दोनों जब्त स्कॉर्पियो वाहनों के मालिकों और इस शराब तस्करी के धंधे से जुड़े अन्य बड़े सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई से बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।








