Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University: दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को पूरी तरह से लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने सभी स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में चार वर्षीय शास्त्री पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।
नए सत्र के लिए कुलपति ने दिए कड़े निर्देश
कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि नए सत्र की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि रजभवन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से और समय पर पूरा किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय के साथ-साथ सभी संबद्ध महाविद्यालयों में भी वर्ग संचालन एवं अन्य गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया गया।






कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने कहा, ‘नए सत्र की शुरुआत होने जा रही है। रजभवन के दिशा निर्देश के अनुसार सभी शैक्षणिक कार्यो को योजनाबद्ध तरीके से ससमय सम्पादित करना है। महाविद्यालयों में भी वर्ग संचालन व अन्य गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना है। इसके लिए हमलोगों को सतत प्रयास करते रहना है।’
विभागाध्यक्षों की समस्याओं का त्वरित समाधान
बैठक में उपस्थित विभागाध्यक्षों ने भी कुछ बुनियादी सवाल उठाए, जिनका कुलपति ने तत्काल समाधान किया। इस संबंध में विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने जानकारी दी कि कुलपति ने विभागाध्यक्षों की चिंताओं को समझते हुए मौके पर ही उनका निवारण किया। यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन नए शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रो दिलीप कुमार झा, डॉ सीताचरण झा, डॉ रामनिहोरा राय, डॉ ध्रुव कुमार मिश्र, डॉ धीरज पांडेय, डॉ संतोष पासवान जैसे विभागाध्यक्षों के अलावा कुलसचिव डॉ दिनेश कुमार झा, एफओ डॉ पवन कुमार झा और ओएसडी शैक्षणिक डॉ रामसेवक झा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।







