Bihar Weather: बिहार में मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन अच्छी बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है। राज्य में मानसूनी सिस्टम फिलहाल कमजोर स्थिति में है, जिससे अधिकांश इलाकों में बादलों की लुकाछिपी और उमस भरी गर्मी का दौर जारी है। इस साल मानसून सीजन में सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
24 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को प्रदेश के 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मामूली आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। अलर्ट वाले जिलों में मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के इलाके शामिल हैं।






जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली शामिल हैं। इनके अलावा मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भी चेतावनी दी गई है। राज्य के शेष 14 जिलों में आज मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।
5 जुलाई तक भारी बारिश नहीं, बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। राजधानी पटना समेत कई जिलों का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर रह सकता है। अच्छी बारिश न होने से दिन के समय उमस काफी बढ़ जाएगी। अधिकतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे दोपहर के वक्त गर्मी का असर सबसे ज्यादा महसूस होगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को 38.5 डिग्री सेल्सियस के साथ कैमूर जिला राज्य में सबसे गर्म रहा। औरंगाबाद में तापमान 37.7 डिग्री, गया और पश्चिम चंपारण में 37.2 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कमजोर मानसून की वजह और बारिश का बड़ा घाटा
मौसम वैज्ञानिकों ने मानसून की रफ्तार धीमी होने की मुख्य वजह बताई है। उनके अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बिहार को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही वर्तमान में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) या ट्रफ लाइन सक्रिय नहीं है। इसी मानसूनी सिस्टम की कमजोरी के कारण राज्य में व्यापक और भारी वर्षा नहीं हो पा रही है।
इस साल मानसून सीजन में बिहार में सामान्य से बेहद कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि तक राज्य में करीब 196.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 98.4 मिलीमीटर वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़ा सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है, जिससे खेती-किसानी के कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले एक से दो दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और गर्मी बनी रहेगी। विशेषज्ञ लगातार मानसूनी हवाओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमी सिस्टम बनेगा, उसके बाद ही बिहार में झमाझम बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकेगा।
राजधानी पटना में आज मौसम मुख्य रूप से सामान्य रहने की संभावना है। आसमान में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बारिश होने की उम्मीद बहुत कम है। दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी।








