Bihar STF Encounter:क्या दरभंगा, समस्तीपुर और आसपास के जिलों में किसी बड़ी डकैती की साजिश रची जा रही थी? आखिर पुलिस और बिहार STF को इसकी सूचना कैसे मिली? किस तरह हुई मुठभेड़, कौन है कुख्यात अमन साहनी और घटनास्थल से क्या-क्या बरामद हुआ? जानिए पूरी कार्रवाई की अंदरूनी कहानी, जिसने एक बड़े अपराध को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिहार STF और समस्तीपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी अमन साहनी (उर्फ अमन कुमार) गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी लक्ष्मी कुमार भागने की कोशिश में घायल होकर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से समस्तीपुर, दरभंगा और आसपास के जिलों में होने वाली एक बड़ी डकैती की साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई।
कैसे मिली पुलिस को भनक?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कुख्यात अपराधी गिरोह बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटा है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर पुलिस और बिहार STF ने संयुक्त अभियान चलाया। जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध ठिकाने पर पहुंची, अपराधियों ने भागने और पुलिस पर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।






इस दौरान अमन साहनी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी लक्ष्मी कुमार भागने के दौरान गिरकर घायल हो गया। दोनों को गिरफ्तार कर समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
क्या दरभंगा-समस्तीपुर में होने वाली थी बड़ी डकैती?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमन साहनी और उसका गिरोह समस्तीपुर, दरभंगा तथा आसपास के जिलों में बड़ी डकैती की योजना बना रहा था। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो गिरोह किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था। STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस संभावित अपराध को पहले ही रोक दिया।
घटनास्थल से क्या-क्या बरामद हुआ?
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से कई अहम सामान बरामद किए हैं।
– दो देसी पिस्तौल
– दो मैगजीन
– पांच जिंदा कारतूस
– एक मोटरसाइकिल
बरामद हथियारों और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक मामलों से इनके संबंधों का पता लगाया जा सके।
वैशाली की डकैती और फायरिंग में भी नाम
पुलिस के मुताबिक, अमन साहनी पर एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वैशाली जिले में पिछले महीने हुई दो डकैती की घटनाएं और एक व्यक्ति को गोली मारने का मामला भी शामिल है। इन घटनाओं के बाद से वह बिहार STF और विभिन्न जिला पुलिस की सूची में वांछित अपराधियों में शामिल था।
फरार अपराधियों की तलाश तेज
मुठभेड़ के दौरान गिरोह के दो अन्य सदस्य मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह, हथियार सप्लाई नेटवर्क और आगामी आपराधिक योजनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दो अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उत्तर बिहार में एक बड़ी आपराधिक साजिश को विफल किया गया है। आने वाले दिनों में गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।
फिलहाल दोनों घायल अपराधियों का इलाज समस्तीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि फरार बदमाशों की तलाश में बिहार STF और समस्तीपुर पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है।








