Patna Zoo News: बिहार की राजधानी पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में जल्द ही नए मेहमान आने वाले हैं। जुलाई के अंत तक पटना जू में कर्नाटक के शिवमोगा जू से दो नर गौर पहुंचेंगे। सेंट्रल जू अथॉरिटी ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद पटना जू प्रशासन इनकी अगवानी की तैयारियों में जुट गया है। वर्तमान में जू में केवल दो मादा गौर हैं, ऐसे में नर गौर के आने से इनकी संख्या में वृद्धि होगी।
गौर के साथ ही पटना जू में मैसूर जू से एक नर जिराफ भी लाया जाएगा। यह कदम एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उठाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जिराफ के ब्लडलाइन को बेहतर बनाना और उनकी ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है। पहले कोलकाता जू से जिराफ लाने पर बात हुई थी, लेकिन वहां से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद मैसूर जू से संपर्क साधा गया।






गौर की संख्या बढ़ाने पर जोर, जिराफ की ब्रीडिंग होगी मजबूत
पटना जू में अभी सिर्फ दो मादा गौर हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी। शिवमोगा जू से दो नर गौर के आने से इस समस्या का समाधान होगा। शिवमोगा जू को देश की पहली विशेष ‘गौर सफारी’ के रूप में विकसित किया गया है, जहां मैसूरू चिड़ियाघर से लाए गए भारतीय गौर रखे जाते हैं। यह आदान-प्रदान पटना जू के लिए गौर प्रजाति के संरक्षण में महत्वपूर्ण साबित होगा।
वहीं, नर जिराफ के आने से पटना जू में जिराफ की ब्रीडिंग को नई दिशा मिलेगी। यदि मैसूर जू तीन साल के मादा शावक जिराफ की मांग करता है, तो उसे एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेजा जा सकता है, क्योंकि पटना जू के पास अभी एक वयस्क मादा जिराफ मौजूद है।
पिछली मौतें और भावी उम्मीदें
मार्च 2025 में नर गौर भैरवा की आधी रात को मौत हो गई थी, जो तीन-चार दिनों से बीमार चल रहा था और उसने खाना भी छोड़ दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का प्रारंभिक कारण सेप्टीसीमिया और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर बताया गया था। इसके बाद जून 2025 में एक मादा गौर की भी थिलेरियोसिस संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी, जिसका इलाज 20 दिनों से चल रहा था।
इन दुखद घटनाओं के बाद नए जानवरों का आगमन पटना जू के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। नए नर गौर और नर जिराफ न केवल जू की विविधता बढ़ाएंगे, बल्कि प्रजनन कार्यक्रमों को भी मजबूती देंगे, जिससे भविष्य में जानवरों की संख्या में स्थायी वृद्धि हो सकेगी। यह पहल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।








