Patna Mayor Invitation Row: पटना मेट्रो के मलाही पकड़ी स्टेशन के उद्घाटन समारोह में पटना की मेयर सीता साहू को आमंत्रित न किए जाने पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। समिति ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में राज्य सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा नगर क्षेत्र से संबंधित सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में पटना मेयर की संवैधानिक गरिमा का सम्मान किया जाए।
मेयर की संवैधानिक गरिमा पर सवाल
सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 2 जुलाई 2026 को आयोजित पटना मेट्रो के मलाही पकड़ी स्टेशन के उद्घाटन समारोह में पटना नगर निगम की मेयर को निमंत्रण नहीं भेजा गया। यह केवल एक स्थानीय स्वशासी संस्था के रूप में नगर निगम की गरिमा के खिलाफ ही नहीं है, बल्कि यह स्थापित प्रशासनिक परंपराओं और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम के भी अनुरूप नहीं प्रतीत होता है। सदस्यों ने याद दिलाया कि एक महीने पहले ही सशक्त स्थाई समिति के चुनाव में सभी सदस्य निर्वाचित हुए थे।






यह न केवल नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण स्थानीय स्वशासी संस्था की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि स्थापित प्रशासनिक परंपराओं और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम की भावना के भी अनुरूप नहीं प्रतीत होता है।
समिति ने यह भी बताया कि पटना मेट्रो परियोजना के लिए पटना नगर निगम ने आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्रदान किया था। इसके अलावा, परियोजना के शिलान्यास समारोह में भी मेयर को विधिवत आमंत्रित किया गया था। ऐसे में उद्घाटन जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उन्हें आमंत्रित न किया जाना अत्यंत खेदजनक और असंगत लगता है।
प्रोटोकॉल की अनदेखी और भविष्य की अपेक्षाएं
बिहार राज्य वरीयता क्रम, 1988 के अनुसार, अपने नगर क्षेत्र में महापौर का स्थान क्रम संख्या 9 (20) पर निर्धारित है। यह स्थान राज्य के उपमंत्री के ठीक बाद और संसद सदस्यों के ठीक पूर्व आता है। यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार ने स्वयं मेयर के पद की संवैधानिक और प्रशासनिक गरिमा को मान्यता दी है। ऐसी स्थिति में, किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी समारोह में, खासकर नगर क्षेत्र से संबंधित विकास परियोजनाओं के उद्घाटन या शिलान्यास में, मेयर की उपस्थिति और उन्हें आमंत्रित किया जाना अपेक्षित है। समिति ने मंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और भविष्य में ऐसे प्रोटोकॉल उल्लंघन को रोका जाए ताकि स्थानीय स्वशासन संस्थाओं का सम्मान बना रहे।








