Darbhanga : रोमित की खुदकुशी रुला देगा! नाकामी की फांसी और किचन से निकली युवक की लाश! आख़िर डिप्रेशन की ये कैसी अंत, जहां जिंदगी शुरू होने से पहले मौत का बुलावा आ गया।
बिहार के दरभंगा में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में लगातार तीसरी बार असफल होने के बाद एक युवा छात्र ने अपनी जान दे दी। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 25 वर्षीय रोमित कुमार ने अपने घर के किचन में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।






पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।
रोमित कुमार की असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के अत्यधिक दबाव और युवाओं पर पड़ने वाले मानसिक तनाव की ओर इशारा करती है।
यह दर्दनाक घटना शनिवार सुबह शहर के बेंता थाना क्षेत्र में सामने आई। वार्ड संख्या 35 स्थित बेंता हनुमान मंदिर के समीप रहने वाले शिव शंकर साह के पुत्र रोमित कुमार का शव घर के किचन में फंदे से लटका मिला। परिवार को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई, घर में कोहराम मच गया।
UPSC में लगातार तीसरी असफलता बनी वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रोमित कुमार यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने लगातार तीन बार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन तीनों बार उन्हें असफलता हाथ लगी। तीसरी बार की असफलता ने उन्हें इतना हताश कर दिया कि उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘छात्र के परिवार ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और तीसरी बार परीक्षा में असफल होने के बाद से काफी परेशान था। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है।’
मामले की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बेंता थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सके। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा और परीक्षा के बढ़ते दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








