Bihar Health News: बिहार सरकार ने पटना एम्स (AIIMS Patna) के विस्तार के लिए 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कदम से राज्य में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच बढ़ेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को अगले दो सप्ताह के भीतर भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि संस्थान के नियोजित विस्तार को गति मिल सके।
200 ICU बेड और नई सुपर स्पेशियलिटी
राज्य सरकार के अनुसार, अतिरिक्त भूमि मिलने से एम्स पटना में लगभग 200 नए गहन चिकित्सा इकाई (ICU) बेड स्थापित किए जा सकेंगे। इसके साथ ही कई नए सुपर-स्पेशियलिटी विभाग भी शुरू किए जाएंगे। इस विस्तार से गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे विशेष देखभाल के लिए प्रतीक्षा समय कम होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना बिहार के भीतर जटिल और जानलेवा बीमारियों के इलाज की उपलब्धता में सुधार करेगी।






ऐसे शुरू हुई जमीन आवंटन की प्रक्रिया
यह निर्णय संस्थान के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग को लेकर दिए गए कई ज्ञापनों के बाद लिया गया है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने इस प्रस्ताव के संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और एम्स पटना के निदेशक की ओर से अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए एक औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया था। इस बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हस्तांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
दिल्ली एम्स की तर्ज पर होगा विकास
राज्य सरकार की योजना एम्स पटना को दिल्ली एम्स की तर्ज पर विकसित करने की है, जिसमें ट्रॉमा सेंटर, कैंसर उपचार इकाइयां और लिवर प्रत्यारोपण सेवाएं जैसी विस्तारित सुविधाएं शामिल होंगी। अधिकारियों ने कहा कि इन सेवाओं को मजबूत करने से अधिक से अधिक मरीजों को बिहार के भीतर ही उन्नत उपचार मिल पाएगा। इससे विशेष देखभाल के लिए दूसरे राज्यों के अस्पतालों में यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी। इस विस्तार से उपचार संबंधी यात्रा लागत भी कम होने और उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
बिहार की स्वास्थ्य सेवा को मिलेगी नई ताकत
यह प्रस्तावित विस्तार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता में सुधार के राज्य के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त भूमि और नया बुनियादी ढांचा एम्स पटना की भूमिका को एक क्षेत्रीय सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में बढ़ाएगा। इससे पूरे बिहार में तृतीयक चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और राज्य के पटना समेत अन्य जिलों के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।







