Bihar Weather: बिहार के कई जिलों में उमस भरी गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। 5 जुलाई 2026 को भी Bihar में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर के जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों ने गर्मी की भयावह स्थिति को उजागर किया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, समस्तीपुर के पूसा में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इन आंकड़ों ने भविष्य में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।






उमस और तेज हवाओं से बढ़ी परेशानी
तापमान में बढ़ोतरी के साथ-साथ हवा में उच्च सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) भी दर्ज की गई है, जिससे उमस और बढ़ गई है। सुबह 7 बजे सापेक्ष आर्द्रता 84% थी, जबकि दोपहर 2 बजे यह 72% दर्ज की गई। हवा की गति 15.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवा पुरवा दिशा से चल रही थी। इन परिस्थितियों ने मिलकर लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।
डॉ० राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक है। पिछले 24 घंटों में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
बारिश न होने से बढ़ा जल संकट
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिसका मतलब है कि बारिश बिल्कुल नहीं हुई। बारिश न होने के कारण वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) की दर भी 5.2 मिमी रही है, जिससे मिट्टी में नमी की कमी हो रही है और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, सीधे धूप में निकलने से बचें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उच्च तापमान और आर्द्रता का यह संयोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।








