Kusheshwarsthan Protest: बिहार के कुशेश्वरस्थान पूर्वी स्थित मध्य विद्यालय समौरा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। स्कूल में लगातार मिल रही अनियमितताओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने हेडमास्टर (HM) जय प्रकाश गुप्ता को बंधक बना लिया। ग्रामीणों का गुस्सा शांत कराने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रभा शंकर मिश्रा और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) प्रिंस झा खुद मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पिल्लू वाला खाना और गंभीर आरोप
मध्य विद्यालय समौरा में ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पहले छात्रों को मिड-डे मील में परोसे गए खाने में पिल्लू (कीड़े) मिले थे। इस गंभीर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण राजू रमण भारती, राधे श्याम कुमार साह, महेश कुमार, फुलेश्वर साह, धर्म दास, अमरजीत साह, सुधीर कुमार, मिथुन कुमार साह और दयानन्द शर्मा सहित दर्जनों लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं।






ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में हेडमास्टर जय प्रकाश गुप्ता और उनकी पत्नी दोनों सहायक शिक्षक के पद पर एक साथ कार्यरत हैं। इसके अलावा, वरिष्ठता और कनीयता से जुड़े मामलों को लेकर बीईओ से लेकर जिला स्तर तक कई आवेदन दिए गए हैं, लेकिन उन पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
बीईओ पर लगे गंभीर आरोप, बंधक बनाए गए हेडमास्टर
आक्रोशित ग्रामीणों ने बीईओ प्रिंस झा पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि हेडमास्टर से बीईओ साहब हर महीने पैसे लेते हैं, यही वजह है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बीईओ प्रिंस झा ने तत्काल एमडीएम प्रभारी श्रवण कुमार को स्कूल भेजा, जिन्होंने किसी तरह हेडमास्टर जय प्रकाश गुप्ता को बंधक से मुक्त कराया। हालांकि, इसके बाद भी ग्रामीण धरना पर डटे रहे।
बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा ने बताया, “ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद विभाग को पत्र भेज दिया गया है।”
मामला बढ़ता देख बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा और बीईओ प्रिंस झा खुद विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे कि जब तक कोई वरीय पदाधिकारी या एसडीओ मौके पर नहीं आते और हेडमास्टर को हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रशासन की कार्रवाई और पठन-पाठन बाधित
इस पूरे मामले पर बीईओ प्रिंस झा ने कहा कि मामले को जिला स्तर पर भेजा गया है और जिला से एक जांच टीम गठित की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हेडमास्टर पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बीईओ ने खुद पर लगे रुपये लेने के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।
फिलहाल, मध्य विद्यालय समौरा में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित है। स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों के गुस्से को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।








