Darbhanga Zila Parishad: दरभंगा में नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्ष रेणु देवी की अध्यक्षता में सोमवार को पहली सामान्य बैठक हुई, लेकिन यह बैठक हंगामेदार रही। सीता देवी को पद से हटाकर दूसरी बार अध्यक्ष बनीं रेणु देवी ने सदस्यों के अभिनंदन के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने का संकल्प लिया। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त स्वप्निल के संचालन में हुई इस बैठक में कई एजेंडे सर्वसम्मति से पारित किए गए, लेकिन शिक्षा विभाग की कार्यशैली और फसल क्षति मुआवजे में करोड़ों के गबन के आरोपों पर जिप सदस्यों ने जमकर रोष व्यक्त किया।
अध्यक्ष रेणु देवी ने कहा, ‘जिला परिषद द्वारा विकास कार्यों को गति देने तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए वे प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल का जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि ‘उनके पूर्व के कार्यकाल में जिस तरह सभी सदस्यों के क्षेत्र में विकास कार्य हुए है उसी तरह इसबार भी सभी सदस्यों के क्षेत्र में समान रुप से कार्य किये जायेंगे।’ उन्होंने अधिकारियों और सदस्यों से पारित योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। बैठक में जिप सदस्य अवधेश कुमार द्वारा 15वें वित्त आयोग (वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26) और षष्टम राज्य वित्त आयोग (वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26) के पूरक प्रस्तावों और नई योजनाओं के चयन संबंधी प्रस्ताव को बहुमत से पारित किया गया।






शिक्षा विभाग के प्रति जिप सदस्यों में गहरा रोष
बैठक की शुरुआत होते ही दर्जनों जिप सदस्यों ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। बहेड़ी के जिप सदस्य मो. सुभान ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र की बघौनी पंचायत स्थित मोटगाह के तालीम मरकज में पदस्थापित शिक्षक मो. फारूक विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद क्षेत्र में नेतागिरी करते हैं।
मो. सुभान ने कहा, ‘वे जिला परिषद द्वारा संचालित योजना स्थल पर पहुंच कार्य को बाधित करते है। साथ ही वे जिप सदस्य से अमर्यादित भाषा में बात करते है।’
हनुमाननगर के जिप सदस्य दिनेश राम ने रूपौली स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय विशनपुर की जर्जर हालत बताई। उन्होंने कहा कि विद्यालय का भवन छत विहीन है, जिस कारण वहां पढ़ाई नहीं हो पाती और बच्चों को करीब 3 किमी दूर जाना पड़ता है। इस वजह से सैकड़ों एससी और एसटी बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। नेहरा उच्च विद्यालय की जमीन पर लगने वाले हाट क्षेत्र और पोखर को औने-पौने दाम पर आवंटित कर राजस्व क्षति पहुंचाने का मुद्दा भी उठा। कई सदस्यों ने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग की।
तारडीह के जिप सदस्य लाल सिंह ने जिले में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों की संख्या पूछी। शिक्षा विभाग के डीपीओ अवधेश कुमार ने जवाब दिया कि उनके पास ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ शिक्षक जनगणना और मतदान कार्यों में प्रतिनियुक्त हैं, जिनकी सूची वे सदन को उपलब्ध करा देंगे। डीपीओ के इस जवाब से असंतुष्ट सदस्यों ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की।
फसल क्षति के नाम पर करोड़ों के गबन का आरोप
जिप सदस्य लाल सिंह ने जिला कृषि पदाधिकारी से फसल क्षति के नाम पर करोड़ों के गबन का आरोप लगाते हुए अधिकारियों की मिलीभगत की बात कही। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 18 प्रखंड हैं, लेकिन विगत दो वर्षों में तारडीह, किरतपुर, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान और कुशेश्वरपूर्वी जैसे केवल पांच प्रखंडों में अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदा बताकर करोड़ों रुपए का गबन किया गया है।
लाल सिंह ने कहा, ‘इसमें पंचायत से लेकर जिलास्तर के अधिकारी शामिल है, जिसकी जांच होनी चाहिए।’
यह गंभीर आरोप किसान सलाहकार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और जिला स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से होने का दावा किया गया।
बैठक में पक्षपात का आरोप, सदस्यों ने जताया विरोध
बैठक के दौरान कुछ जिप सदस्यों ने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया। कुशेश्वरस्थान के जिप सदस्य गुणेश्वर ठाकुर और सिंहवाड़ा की रंजना कुमारी सहित करीब आधा दर्जन पार्षदों ने कहा कि जब वे बोलने के लिए खड़े होते हैं, तो कुछ सदस्य उनकी आवाज को दबाने के लिए हंगामा करने लगते हैं, और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं।
बैठक में जिप उपाध्यक्ष अरुणा कुमारी और अन्य सदस्य स्वतंत्र कुमार झा उर्फ सागर नवदिया, धीरेंद्र कुमार मिश्र शीतल, अमित ठाकुर, हरि मोहन यादव, ओम प्रकाश ठाकुर, ललित पासवान, काजल देवी, सुलेखा देवी, दिलीप यादव, अजय यादव, दिनेश राम, रिंकी कुमारी, आशा देवी, धीरज झा, लाल सिंह भी उपस्थित थे। नई अध्यक्ष के नेतृत्व में पहली बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों पर आगे प्रशासन और संबंधित विभागों की क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।








