Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में सैकड़ों किसानों को ‘फार्मर आईडी’ बनवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगान रसीद में तकनीकी त्रुटियां होने के कारण उनका पंजीकरण अटक गया है, जिससे किसान और कृषि विभाग के कर्मी दोनों ही चिंतित हैं। अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में गड़बड़ी को इस समस्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
क्यों रुका है किसानों का पंजीकरण?
जाले प्रखंड में ‘फार्मर आईडी’ बनाने की प्रक्रिया लगान रसीद में दर्ज गलतियों के कारण अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। रतनपुर पंचायत के किसान सलाहकार सजर अली ने बताया कि उनकी पंचायत में अब तक लगभग चार सौ किसानों का ही फार्मर आईडी बन सका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं किसानों का पंजीकरण हो पा रहा है जिनकी लगान रसीद उनके अपने नाम पर है और उसमें खाता, खेसरा तथा रकवा की पूरी जानकारी सही ढंग से दर्ज है।






किसान सलाहकार सजर अली ने बताया, “बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनकी जमीन उनके पूर्वजों के नाम पर है। कुछ किसानों की जमीन उनके नाम पर तो है, लेकिन उनकी लगान रसीद में खाता, खेसरा अंकित नहीं है। इसी वजह से उनका फार्मर आईडी नहीं बन पा रहा है।”
यह समस्या केवल रतनपुर पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रखंड की अधिकांश पंचायतों में यही स्थिति बनी हुई है। पुराने रैयतों के जमीन अभिलेखों में त्रुटियां होने से उनका पंजीकरण रुक गया है। वहीं, जिन किसानों ने हाल के वर्षों में जमीन खरीदी है, उनके रिकॉर्ड अद्यतन होने के कारण उनका फार्मर आईडी आसानी से बन रहा है।
अंचल कार्यालय की लापरवाही से बढ़ी परेशानी
किसान आरोप लगा रहे हैं कि यह गंभीर समस्या अंचल कार्यालय के अभिलेखों में गड़बड़ी और कर्मियों की अकर्मण्यता के कारण उत्पन्न हुई है। इस स्थिति का खामियाजा सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों को भी भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि वे किसानों का पंजीकरण पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अभिलेखों में सुधार किया जाए और ‘फार्मर आईडी’ बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और अपनी कृषि गतिविधियों को बिना बाधा जारी रख सकें।








