Darbhanga Nal Jal Yojana: बिहार के दरभंगा जिले में ‘नल जल योजना’ की बदहाली को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाया है। बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पेयजल संकट बरकरार है। आम लोगों की शिकायतों के बाद SDO झा ने खुद मोर्चा संभालते हुए जांच शुरू कर दी है और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
बेनीपुर में नल जल योजना की खुली पोल, SDO ने किया औचक निरीक्षण
बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र में ‘नल जल योजना’ की स्थिति बेहद खराब है, जिससे आम जनता से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक आंदोलन पर उतर आए हैं। आरोप है कि नगर प्रशासन कुंभकर्णी निद्रा में सोया हुआ है। आम लोगों की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने पिछले दो दिनों में आधे दर्जन से अधिक वार्डों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें व्यापक अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को सभी अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।






सोमवार को SDO झा ने वार्ड संख्या 8, 12 और 13 का विशेष रूप से निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि:
- वार्ड संख्या 12 में जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित है।
- वार्ड संख्या 13 में जलापूर्ति के लिए अभी तक बुनियादी ढांचा भी तैयार नहीं हुआ है, पानी मिलना तो दूर की बात है।
- वार्ड संख्या 8 के दलित टोला सिसौनी में कनेक्शन होने के बावजूद पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई घरों में तो नल का कनेक्शन भी नहीं किया गया है।
कार्यपालक पदाधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण, जांच में तेजी
अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने इन गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की है। साथ ही, उन्हें योजना के सभी अभिलेख और पंजी के साथ अनुमंडल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता आशीष रंजन दास उर्फ बीपी सिंह ने पहले भी नगर परिषद कार्यालय में विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें स्थानीय अधिकारियों, विभागीय उच्चाधिकारियों और निगरानी विभाग तक की थीं। हालांकि, इन जांचों की गति ‘कच्छप गति’ से आगे बढ़ रही थी। अब SDO मनीष कुमार झा की इस सख्ती से अनियमितताओं पर लगाम लगने और बेनीपुर के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है। इस कार्रवाई से यह भी संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








