spot_img

बिहार में बदल जाएगी तस्वीर! मिथिला की इस कला से मिलेगा बंपर रोजगार, जनक-जानकी से रिश्ता -विरासत ‘सिक्की कला’ देगा दरभंगा, मधुबनी, सीतामढी, शिवहर, मुजफ्फरपुर को देगा वैश्विक मंच !

Bihar Sikki Art: दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने की कलाकारों से चर्चा, कहा- केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस पारंपरिक हस्तशिल्प को दिलाएगी राष्ट्रीय पहचान, जीविका दीदियों को भी मिलेगा फायदा।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Sikki Art: मिथिला क्षेत्र की प्राचीन और सांस्कृतिक विरासत ‘सिक्की कला’ अब बिहार में बंपर रोजगार का माध्यम बनेगी। दरभंगा के भाजपा सांसद और लोकसभा में पार्टी सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा है कि यह कला न केवल मिथिला की पहचान है, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ठोस पहल कर रही है। इससे खासकर जीविका से जुड़ी महिलाओं को बड़ा फायदा मिलेगा।

- Advertisement -

सांसद डॉ. ठाकुर ने हाल ही में राष्ट्रपति पुरस्कार और राज्य पुरस्कार से सम्मानित सिक्की कलाकार सुधीरा देवी और चंद्र कुमार ठाकुर सहित अन्य हस्तशिल्पियों से इस कला के उत्थान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिक्की कला का राजा जनक और माता जानकी से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  शिक्षा शास्त्री एडमिशन: दरभंगा KSDSU में शुरू नामांकन! 80 छात्रों को मिला मौका, जल्दी करें ये काम

जनक-जानकी से जुड़ी है सिक्की कला की विरासत

डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कलाकारों से संवाद के दौरान बताया कि इतिहास में इस बात का जिक्र है कि राजा जनक ने अपनी पुत्री माता जानकी के विवाह में इसी तरह की कलाकृतियों को उपहार स्वरूप भेंट किया था। यह कला मिथिला के सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। सांसद ठाकुर ने कहा कि यह पारंपरिक हस्तशिल्प अब देश स्तर पर एक नया आयाम स्थापित करेगा।

बिहार की पहचान और मिथिला के सौंदर्य की विरासत है सिक्की कला। सिक्की कला को देश स्तर पर नया आयाम देने की हो रही पहल। राजा जनक और माता जानकी से जुड़ा संबंध है सिक्की कला का।

— डॉ. गोपाल जी ठाकुर, सांसद, दरभंगा

- Advertisement -

सिक्की कला से इन क्षेत्रों में बढ़ेगा रोजगार

सिक्की कला प्राकृतिक घास से बनाई जाने वाली एक खास हस्तशिल्प कला है। इसके तहत टोकरियां, डिब्बे, ट्रे, कोस्टर, बॉलटैगिंग, देवी-देवताओं और महापुरुषों के तैल चित्र, साथ ही बच्चों के खिलौने जैसी कई आकर्षक चीजें बनाई जाती हैं। सांसद ठाकुर ने इसे दरभंगा, मधुबनी, सीतामढी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों के लिए रोजगार का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस कला से जुड़े हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है, ताकि यह जीविका की महिलाओं के माध्यम से और आगे बढ़ सके। सरकार की इस पहल से इन क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह खुलेगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

दरभंगा में संगीत की नई क्रांति: अब सीखिए योग, नृत्य, गायन और पाइए मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट!

Darbhanga Music Academy: दरभंगा में त्रिपुष्कर एकेडमी ऑफ म्यूजिक ने गायन, वादन, नृत्य, योग और पेंटिंग्स में प्रशिक्षण के साथ सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए हैं। यह पहल शास्त्रीय संगीत परंपरा#DarbhangaMusic,#BiharArts,#TripushkarAcademy

बिहार में सुशासन की नई सुबह: BIPARD को मिली ISO मान्यता, क्या बदलेगा प्रशासन?

Bihar Governance: बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) को ISO 9001:2015 प्रमाणन मिला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के सुशासन और जनसेवा में मील का पत्थ#BiharGovernance,#BIPARD,#ISOCertification

24 घंटे में Navgachia Police खुल गया खौफनाक राज! पत्नी का हत्यारा पति गिरफ्तार, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Navgachia Police: नवगछिया पुलिस ने गोपालपुर में हुई महिला की हत्या का 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। आरोपी पति जीवन हरिजन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने अवैध संबंध के चलते पत्#NavgachiaPolice,#BhagalpurCrime,#BiharNews

शिक्षा शास्त्री एडमिशन: दरभंगा KSDSU में शुरू नामांकन! 80 छात्रों को मिला मौका, जल्दी करें ये काम

Bihar Shikshashastri Admission: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्री कोर्स (सत्र 2026-28) के लिए नामांकन शुरू हो गया है। पहली सूची में 80 छात्रों का चयन हुआ है। 10 जुल#BiharShikshashastri,#DarbhangaUniversity,#AdmissionNews