Darbhanga News: मंगलवार सुबह दरभंगा के जाले नगर परिषद के वार्ड-12 में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अहले सुबह करीब पांच बजे चली तेज आंधी के कारण एक विशाल पीपल के पेड़ की डाल टूटकर एक मकान पर गिर गई। इस घटना में घर में मौजूद एक ही परिवार के सात सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार अब बेघर हो गया है और प्रशासन से आर्थिक सहायता व सरकारी आवास योजना के लाभ की उम्मीद लगाए बैठा है।
दरभंगा में आंधी का कहर! घर पर गिरी विशाल डाल, 7 लोग बाल-बाल बचे, अब कहां रहेगा परिवार?
Darbhanga News: मंगलवार सुबह दरभंगा जिले के जाले नगर परिषद के वार्ड-12 में तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई। सुबह करीब पांच बजे एक विशाल पीपल के पेड़ की डाल टूटकर एक घर पर गिर गई। इस हादसे में घर में मौजूद एक ही परिवार के सात सदस्य चमत्कारिक रूप से बच गए, हालांकि मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना ने परिवार को बेघर कर दिया है और अब वे प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं।






बाल-बाल बचा परिवार, घर हुआ खंडहर
जाले में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। पीपल की डाल गिरने से हुई तेज आवाज सुनकर घर के मुखिया रामचन्द्र महतो इतने घबरा गए कि वे बेहोश हो गए। परिजनों ने बताया कि रामचन्द्र महतो पहले से ही बीमार रहते हैं। उनकी पत्नी सीता देवी ने बताया कि यह भगवान की कृपा ही थी कि पूरा परिवार सुरक्षित बच गया, लेकिन अब उनका मकान रहने लायक नहीं बचा है। सीता देवी का आरोप है कि उनका घर काफी पुराना था और यदि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ मिला होता, तो उनके मकान की हालत इतनी जर्जर नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि आसपास के कई लोगों को आवास योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन उनका नाम आज तक सूची में शामिल नहीं किया गया है।
सीता देवी ने कहा, ‘पूरा परिवार भगवान की कृपा से सुरक्षित बच गया, लेकिन मकान अब रहने योग्य नहीं बचा है। हमारा घर काफी पुराना था। यदि प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ मिला होता, तो मकान की स्थिति बेहतर होती। आसपास के कई लोगों को आवास योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन हमारा नाम अब तक सूची में शामिल नहीं किया गया।’
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार, मदद की गुहार
रामचन्द्र महतो का परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। सीता देवी ने बताया कि उनके पति लंबे समय से बीमार हैं। कुछ महीने पहले उनके बेटे महेश कुमार एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। इस स्थिति में क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत कराना या नया घर बनवाना परिवार के लिए असंभव है। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके क्षतिग्रस्त मकान का आकलन कर उन्हें आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे एक सुरक्षित छत के नीचे रह सकें।
अचानक गिरी डाल, बाल-बाल बची जान
सुबह करीब पांच बजे जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी तेज आंधी के साथ पीपल के पेड़ की एक भारी-भरकम डाल उनके कच्चे मकान पर आ गिरी। डाल गिरने की तेज़ आवाज़ से घर के मुखिया रामचन्द्र महतो इतने घबरा गए कि वे बेहोश हो गए। हालांकि, परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन मकान पूरी तरह से रहने लायक नहीं बचा है। रामचन्द्र महतो की पत्नी सीता देवी ने बताया कि यह भगवान का ही चमत्कार है कि पूरा परिवार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि उनका घर काफी पुराना था और अब वह पूरी तरह से ढह गया है।
सीता देवी ने कहा, ‘पूरा परिवार भगवान की कृपा से सुरक्षित बच गया, लेकिन मकान अब रहने योग्य नहीं बचा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनका घर काफी पुराना था। यदि प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ मिला होता, तो मकान की स्थिति बेहतर होती। आसपास के कई लोगों को आवास योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन उनका नाम अब तक सूची में शामिल नहीं किया गया।’
आर्थिक तंगी और सरकारी मदद की आस
पीड़ित परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। सीता देवी के अनुसार, उनके पति रामचन्द्र महतो लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। वहीं, कुछ महीने पहले उनके पुत्र महेश कुमार एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। इस विपरीत परिस्थिति में क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत कराना या नया घर बनवाना उनके लिए संभव नहीं है। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकारी आवास योजना के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें आज तक लाभ नहीं मिला।
प्रशासन से मुआवजे और आवास की मांग
इस हादसे के बाद, पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकान का उचित आकलन कर आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी दयनीय स्थिति पर ध्यान देगा और उन्हें एक सुरक्षित छत प्रदान करने में मदद करेगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।








