Darbhanga News: दरभंगा पुलिस ने कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर पंचायत स्थित पौनद गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके घर से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस फैक्ट्री का संचालन एक कुख्यात अपराधी के संरक्षण में हो रहा था, जो एक जनप्रतिनिधि का पति भी बताया जा रहा है।
Darbhanga News: बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में दरभंगा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर पंचायत के पौनद गांव में एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। इस छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके घर से भारी मात्रा में हथियार और शराब बरामद हुई है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि आरोपी ने एक जनप्रतिनिधि के पति पर संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।






हथियारों का जखीरा और शराब बरामद, एक गिरफ्तार
पुलिस को पौनद गांव में अवैध मिनी गन फैक्ट्री चलने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय तकनीकी टीम की मदद ली गई। इसके बाद थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, एसआई सुभाष प्रसाद, एएसआई ललन कुमार यादव और पुलिस बल ने आरोपी संजय कुमार दास के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को हथियारों का बड़ा जखीरा मिला।
एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बुधवार को कमतौल थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि छापेमारी में 3 देसी पिस्टल, 4 मैगजीन और करीब 70 राउंड 7.64 एमएम कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, हथियार असेंबल करने के उपकरण जैसे लेथ मशीन, छेनी और हथौड़ी भी घर से मिले। पुलिस ने 18 लीटर विदेशी शराब और 5 लीटर बीयर भी जब्त की है।
जनप्रतिनिधि के पति पर संरक्षण का आरोप, मुंगेर से आता था कच्चा माल
गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार दास से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि हथियारों का कच्चा माल मुंगेर से मंगाकर पौनद गांव में असेंबल किया जाता था। उसने एक और बड़ा दावा किया है कि यह पूरा कारोबार एक कुख्यात अपराधी के संरक्षण में चल रहा था, जो एक जनप्रतिनिधि का पति है।
एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने इस गंभीर आरोप पर बयान देते हुए कहा,
आरोपी के बयान के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस इस मामले में गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। आरोपी संजय कुमार दास पर पहले से भी शराब तस्करी का मामला दर्ज है, जिससे उसके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है। यह दरभंगा न्यूज़ जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपराधियों की तलाश में तेज हुई पुलिस की कार्रवाई
इस मिनी गन फैक्ट्री के खुलासे के बाद पुलिस अब उन सभी लोगों की तलाश में जुट गई है जो इस धंधे में शामिल हैं। खासकर, जनप्रतिनिधि के पति पर लगे आरोपों की पुष्टि के लिए गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल अवैध हथियारों के निर्माण पर रोक लगाएगी, बल्कि बिहार में आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने में सहायक होगी।
पुलिस की छापेमारी में क्या-क्या मिला?
कमतौल थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद जिला स्तरीय तकनीकी टीम की मदद से सत्यापन किया गया। इसके बाद थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, एसआई सुभाष प्रसाद और एएसआई ललन कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस बल ने आरोपी संजय कुमार दास के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को हथियार बनाने का पूरा जखीरा मिला।
एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया, ‘आरोपी के बयान के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।’
छापेमारी में पुलिस ने तीन देसी पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 70 राउंड 7.64 एमएम कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, हथियार असेंबल करने के उपकरण जैसे लेथ मशीन, छेनी और हथौड़ी भी जब्त की गई। आरोपी के घर से 18 लीटर विदेशी शराब और 5 लीटर बीयर भी बरामद हुई।
मुंगेर से आता था कच्चा माल, जनप्रतिनिधि के पति का संरक्षण
गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार दास ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि हथियारों का कच्चा माल मुंगेर से मंगाया जाता था और पौनद गांव में असेंबल किया जाता था। आरोपी ने यह भी दावा किया कि यह पूरा अवैध कारोबार एक कुख्यात अपराधी के संरक्षण में चल रहा था, जो कि एक जनप्रतिनिधि का पति है।
यह खुलासा दरभंगा में अवैध हथियार के नेटवर्क की गहराई को दर्शाता है। पुलिस अब आरोपी के बयान के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आरोपी संजय कुमार दास पर पहले से भी शराब तस्करी का एक मामला दर्ज है, जिससे उसके आपराधिक इतिहास का पता चलता है। इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है, जो इस अवैध धंधे के बड़े खिलाड़ियों को बेनकाब कर सकती हैं।








