Bihar Illegal Hospital: बिहार के दरभंगा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे गोरखधंधे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। कुशेश्वरस्थान के बेर चौक पर स्थित एक अवैध एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) और पैथोलॉजी क्लिनिक को सील कर दिया गया है। साथ ही, जिस वरदान हॉस्पिटल के परिसर में ये अवैध इकाइयां चल रही थीं, उस पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंगलवार को एसडीओ शशांक राज ने वरदान हॉस्पिटल, एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया। इस जांच में सामने आया कि एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक बिना किसी वैध अनुमति के चल रहे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि निरीक्षण के दौरान इन इकाइयों में कोई भी योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था।






वरदान हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की तलवार
एसडीओ शशांक राज ने बताया कि वरदान हॉस्पिटल की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) 16 जुलाई तक ही वैध है। इसके बावजूद, अस्पताल का संचालन एक डेंटल चिकित्सक के भरोसे हो रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। निरीक्षण में अस्पताल में फायर सेफ्टी के मानकों की भी अनदेखी पाई गई, साथ ही मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव भी स्पष्ट दिखा। इस गंभीर अव्यवस्था को देखते हुए एसडीओ ने तत्काल नाराजगी जाहिर की।
एक सप्ताह में मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश
अवैध संचालन और गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसडीओ शशांक राज ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरदान हॉस्पिटल में भर्ती सभी मरीजों को एक सप्ताह के भीतर डिस्चार्ज करने का आदेश दिया है। इसके बाद अस्पताल को भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ के निर्देश पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरव आनंद ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक को सील कर दिया।
एसडीओ शशांक राज ने कहा, ‘अवैध रूप से संचालित हो रहे एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक को सील कर दिया गया है। वरदान हॉस्पिटल की अनुज्ञप्ति भी जल्द समाप्त हो रही है और वहां कई अनियमितताएं पाई गई हैं। मरीजों को डिस्चार्ज करने के बाद अस्पताल को भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी।’
इस कार्रवाई से दरभंगा में अवैध रूप से चल रहे मेडिकल प्रतिष्ठानों पर नकेल कसने की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कोई रहम नहीं बरता जाएगा और ऐसे सभी अवैध केंद्रों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








