Darbhanga News: दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र स्थित गोठानी गांव में एक निजी पोखर को लेकर उपजा विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में पंचायत के मुखिया सहित कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पोखर में जबरन मछली पकड़ने, रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
मामले में राम आधार राय ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गोठानी मौजा में स्थित पोखर में कई लोग मिलकर मत्स्य पालन का कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 26 मई 2026 को लगभग 19 हजार 220 रुपये के मत्स्य बीज पोखर में डाले गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, 23 जून को मुखिया मो० अलाउद्दीन और मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सचिव राम बहादुर मुखिया अपने समर्थकों के साथ पोखर पर पहुंचे और बिना किसी अनुमति के जाल डालकर मछली पकड़ना शुरू कर दिया।






शिकायतकर्ता राम आधार राय ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। साथ ही, उनसे 2 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुखिया मो. अलाउद्दीन और मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सचिव राम बहादुर मुखिया सहित कुल सात लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
रंगदारी और धमकी के गंभीर आरोप
थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने आगे बताया कि पुलिस पोखर से संबंधित सभी आवश्यक कागजात और गवाहों के बयान जुटा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना गांव में तनाव का माहौल पैदा कर चुकी है, जहां ग्रामीण सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी भी तरह की दबंगई को बर्दाश्त न करने की बात कह रहे हैं।
गांव में तनाव, पुलिस की पैनी नजर
गोठानी गांव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है और गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस की त्वरित जांच और निष्पक्ष कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।








