Darbhanga Mukhiya: बिहार के दरभंगा जिले में अब ग्राम पंचायतों में घटिया निर्माण कार्य करने वाले मुखिया और अधिकारियों की खैर नहीं। सुसारी-तुर्की ग्राम पंचायत की मुखिया ज्योति देवी पर 2 लाख 46 हजार 717 रुपये की वसूली का आदेश जारी हुआ है। इसके साथ ही, जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव हरे कृष्ण झा ने उनके वित्तीय अधिकारों पर तत्काल रोक लगाने की मांग जिला पदाधिकारी से की है।
मंगलवार को जिला पदाधिकारी को समर्पित पत्र में यह शिकायत की गई। वर्ष 2024 में ही मुखिया ज्योति देवी के अलावा पंचायत सचिव आलोक कुमार और तकनीकी सहायक नीतीश कुमार से भी 2 लाख 45 हजार 717 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया था। यह कार्रवाई तीन जनकल्याणकारी योजनाओं में घटिया निर्माण कार्य के सिद्ध प्रमाण के बाद की गई है।






दरभंगा की मुखिया पर गिरी गाज! JDU नेता ने की वित्तीय अधिकार छीनने की मांग, जानें क्या है पूरा मामला
Darbhanga Mukhiya: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी कड़ी में दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड स्थित सुसारी-तुर्की ग्राम पंचायत की मुखिया ज्योति देवी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव हरे कृष्ण झा ने मंगलवार को दरभंगा के जिला पदाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें मुखिया ज्योति देवी के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की गई है।
लाखों की वसूली का आदेश, क्या रुकेंगे वित्तीय अधिकार?
जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव हरे कृष्ण झा ने अपने पत्र में मुखिया ज्योति देवी से 2,46,717 रुपये की वसूली के आदेश का हवाला दिया है। यह वसूली जनकल्याणकारी योजनाओं में घटिया निर्माण कार्य करने के सिद्ध प्रमाण के बाद जारी की गई है। उन्होंने जोर दिया कि जब वसूली का आदेश आ चुका है, तो मुखिया को वित्तीय अधिकार जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
इन योजनाओं में हुई थी गड़बड़ी, अधिकारियों पर भी कार्रवाई
वर्ष 2024 में ही तीन अलग-अलग योजनाओं में अनियमितता पाई गई थी। इन मामलों में केवल मुखिया ज्योति देवी ही नहीं, बल्कि अन्य अधिकारियों पर भी वसूली का आदेश जारी हुआ था। मुखिया ज्योति देवी के साथ-साथ पंचायत सचिव आलोक कुमार और तकनीकी सहायक नीतीश कुमार से भी 2,45,717 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया था। यह दर्शाता है कि गड़बड़ी में कई स्तरों पर मिलीभगत थी।
डीएम से की गई सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, दरभंगा ने संयुक्त सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना को पत्रांक 1252 के तहत सूचित किया है। जानकारी दी गई है कि बीडीओ बहेड़ी के माध्यम से जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी को मुखिया ज्योति देवी के खिलाफ नीलाम पत्र वाद संस्थित करने और राशि वसूल करने की कार्रवाई की जा रही है। हरे कृष्ण झा ने डीएम से अपील की है कि इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और आम जनता के पैसे का दुरुपयोग रोका जा सके। अब देखना यह है कि जिला पदाधिकारी इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं और दरभंगा की मुखिया ज्योति देवी के वित्तीय अधिकार रोके जाते हैं या नहीं।
घटिया निर्माण पर वसूली का आदेश
बहेड़ी प्रखंड के सुसारी-तुर्की पंचायत में हुए घटिया निर्माण कार्य को लेकर जिला प्रशासन सख्त है। मुखिया ज्योति देवी पर 2,46,717 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया है। यह राशि सरकारी योजनाओं में हुए अनियमितता के कारण वसूल की जा रही है।
इसी वर्ष, तीन अलग-अलग योजनाओं में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए मुखिया ज्योति देवी, पंचायत सचिव आलोक कुमार और तकनीकी सहायक नीतीश कुमार, तीनों से 2,45,717 रुपये की वसूली का निर्देश दिया गया था। यह दर्शाता है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है।
वित्तीय अधिकारों पर रोक की मांग क्यों?
जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव हरे कृष्ण झा ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका तर्क है कि जब मुखिया पर वित्तीय अनियमितता और घटिया निर्माण के आरोप सिद्ध हो चुके हैं और वसूली का आदेश भी जारी हो गया है, तो उनके वित्तीय अधिकार जारी रखना जनहित में नहीं है।
जिला पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में मांग की गई है कि मुखिया ज्योति देवी के वित्तीय अधिकारों पर अविलंब रोक लगाई जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की और अनियमितता को रोका जा सके। यह कदम सुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया गया है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
पंचायती राज विभाग भी इस मामले पर पैनी नजर रख रहा है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी दरभंगा ने संयुक्त सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार पटना को पत्रांक 1252 के तहत सूचित किया है। इस पत्र में बताया गया है कि बीडीओ बहेड़ी द्वारा जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी के माध्यम से मुखिया ज्योति देवी के खिलाफ नीलाम पत्र वाद संस्थित कर राशि वसूलने की कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि जल्द ही मुखिया के वित्तीय अधिकारों पर भी निर्णय लिया जाएगा और वसूली की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर लगाम लग सके।








