Bhagalpur Engineering College: भागलपुर: भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में नए प्राचार्य डॉ. विमलेश कुमार ने पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने कॉलेज परिसर का गहन निरीक्षण किया, व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौजूदा कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। डॉ. कुमार ने मीडिया से बातचीत में कॉलेज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अपना बड़ा संकल्प साझा किया।
30 साल का अनुभव, बिहार की शिक्षा पर अटूट भरोसा
डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि उनके पास महाराष्ट्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में लगभग 30 वर्षों का व्यापक अनुभव है। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने दृढ़ता से कहा कि बिहार शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी अन्य राज्य से पीछे नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब विभिन्न विषयों में योग्य और प्रशिक्षित फैकल्टी सहजता से उपलब्ध हैं।






डॉ. विमलेश कुमार ने कहा, ‘भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रतिभाशाली शिक्षक और मेहनती छात्र मौजूद हैं। यदि दोनों मिलकर समर्पण के साथ कार्य करें तो यह संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकता है। यहां के विद्यार्थी अपने गांव, जिले, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।’
शैक्षणिक गुणवत्ता और सुविधाओं पर जोर, छात्रों को बेहतर माहौल
नए प्राचार्य ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिसर में जो भी कमियां हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
मिलकर काम करने की अपील, कॉलेज के स्वर्णिम भविष्य की नींव
डॉ. कुमार ने कॉलेज के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से अपील की है कि वे मिलकर कॉलेज के समग्र विकास में सहयोग दें। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेगा और एक अग्रणी संस्थान के रूप में उभरेगा। यह पहल बिहार के छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







