Darbhanga Shravani Mela: 3 अगस्त से शुरू हो रहे दरभंगा के ऐतिहासिक श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें सुरक्षित व सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। न्यास समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए खास व्यवस्था
मेले में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया है। गजेंद्र नारायण सिंह धर्मशाला से मंदिर तक कांवरियों और अन्य श्रद्धालुओं के लिए घुमावदार बैरिकेटिंग बनाई जाएगी। इससे लाइन नहीं टूटेगी और जलाभिषेक में अनावश्यक देरी नहीं होगी। मंदिर परिसर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था की गई है। गर्भगृह में दोनों को बारी-बारी से प्रवेश मिलेगा। दर्शन के बाद श्रद्धालु मंदिर के बाहरी द्वार से ही बाहर निकलेंगे।






धर्मशाला के मुख्य द्वार पर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। महिलाओं की कतार मुख्य सड़क से होते हुए हॉस्पिटल तक पहुंचेगी, जबकि पुरुषों की कतार अंबेडकर चौक तक जाएगी। इन दोनों जगहों पर बैरिकेटिंग करके श्रद्धालुओं को कतारबद्ध किया जाएगा।
शिवगंगा घाट पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
शिवगंगा घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। स्नान करने वाली महिलाओं के लिए अस्थायी टेंट लगाए जाएंगे, जहां वे कपड़े बदल सकेंगी। पुरानी काली मंदिर स्थित आरती मंच से पश्चिम की ओर यह टेंट लगाया जाएगा। इसी स्थान पर माइकिंग की व्यवस्था, एक मेडिकल टीम और दंडाधिकारी का कैंप भी मौजूद रहेगा। श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं, इसके लिए बांस-बल्ले से घेरा बनाया जाएगा और गोताखोरों की तैनाती की जाएगी।
यातायात और सुरक्षा पर पैनी नजर
श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए भी योजना बनाई गई है। बड़े वाहनों के लिए सतीघाट उच्च विद्यालय और धोबलिया रोड पुल के पास पड़ाव स्थल बनाए जाएंगे। इन दोनों जगहों पर बैरिकेटिंग कर वाहनों को रोका जाएगा। बाइक और टेम्पो को पांड़ो दर्शनीय से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। भीड़ नियंत्रण के लिए सतीघाट, पांड़ो और असमा में बैरिकेटिंग की जाएगी। इन सभी स्थानों पर दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहेगा।
सुरक्षा के लिहाज से मंदिर के गर्भगृह, परिसर, शिवगंगा घाट, धर्मशाला और बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पूरे मेले की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा और परिसर, धर्मशाला तथा बाजार की सड़कों की साफ-सफाई के लिए विशेष इंतजाम होंगे।
बैठक में न्यास समिति के सचिव गोपाल चौधरी, कोषाध्यक्ष कविता कुमारी, सदस्य विमल चंद्र खां, संतोष पोद्दार, मणिकांत झा, शंकर चौपाल, सत्यानंद साह के अलावा कर्मी रोशन झा और लेखापाल रामबल्ली राय सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले में आने वाले हर श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के जलाभिषेक कराने की पूरी कोशिश की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को समय पर अपनी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि 3 अगस्त से शुरू हो रहे बिहार के इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।








