Bihar Flood Preparation: संभावित बाढ़ 2026 को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग के माननीय उप मुख्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी होनी चाहिए, क्योंकि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने शेष बचे कार्यों को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।







पटना के सिंचाई भवन स्थित विभागीय सभागार में 9 जुलाई 2026 को हुई इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी बाढ़ परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं से क्षेत्रवार तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। मंत्री चौधरी ने कहा कि कटाव निरोधक कार्यों की स्वीकृति वर्ष के प्रारंभ में ही दे दी गई थी ताकि बाढ़ अवधि शुरू होने से पहले सभी काम पूरे हो जाएं। अधिकांश स्थलों पर काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन जहां कार्य शेष हैं, उन्हें तत्काल पूरा किया जाए।
तटबंधों की सतत निगरानी और सामग्री भंडारण पर जोर
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को तटबंधों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर से विभाग के सचिव और वरीय अभियंता लगातार स्थल निरीक्षण कर रहे हैं। क्षेत्रीय अधिकारी भी तटबंधों के अंतिम छोर तक निगरानी कर रहे हैं और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
माननीय उप मुख्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी रहनी चाहिए।’
उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं को सप्ताह में कम-से-कम दो बार रात्रि में औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित अभियंता और श्रमिक स्थल पर कैंप कर रहे हैं, संवेदनशील या अतिसंवेदनशील स्थलों पर हटमेंट की व्यवस्था है और बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवश्यक सामग्री का भंडारण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। नदियों में अत्यधिक जलश्राव प्रवाहित होने का इंतजार करने के बजाय अभी से सभी संवेदनशील स्थलों पर सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा गया।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
चौधरी ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह बाद मुख्यालय और जिला प्रशासन की टीम स्थलों पर जाकर तैयारियों और सामग्री भंडारण का सत्यापन करेगी। इसलिए, संबंधित अधिकारी जिला प्रशासन के साथ सभी आंकड़े साझा करें। उन्होंने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों पर विशेष चौकसी बरतने, रात्रि में प्रभावी निगरानी के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए पहुंच मार्गों को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।
तटबंधों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल मुख्यालय और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही, वर्षा के दौरान दिखाई नहीं देने वाले रैट होल्स और फॉक्स होल्स की मरम्मत अभी से पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि तटबंध मजबूत बने रहें।
विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया, ‘यह हम सभी के लिए परीक्षा की घड़ी है। यदि सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे तो किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जानबूझकर लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
बैठक में विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और किसी भी परिस्थिति में शिथिलता न बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की प्रतीक्षा करने के बजाय पूर्व तैयारी के साथ हर समय पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहें। इस अवसर पर तकनीकी परामर्शी मनोज रमण, अभियंता प्रमुख वरूण कुमार, मुख्य अभियंता धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।









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