Madhubani Natural Farming: बिहार के मधुबनी जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक उर्वरकों के उत्पादन और आपूर्ति के लिए तीन जैव उपादान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों को स्थापित करने वाले किसानों, किसान समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मधुबनी के पंडौल, बाबूबरही और खुटौना प्रखंड में प्रत्येक केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह कदम 12 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा दिए गए निदेश के आलोक में उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती अपनाने वाले प्रशिक्षित किसानों और उन किसानों को सहायता प्रदान करना है, जो स्वयं जैव उपादान तैयार करने में सक्षम नहीं हैं।






क्या है राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का लक्ष्य?
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत पशु और पौधे-आधारित प्राकृतिक खेती इनपुट तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है। इन जैव उपादान संसाधन केंद्रों के माध्यम से किसानों को वर्मी कम्पोस्ट, बीजामृत, जीवामृत और घन जीवामृत जैसे आवश्यक प्राकृतिक इनपुट आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। यह पहल मधुबनी जिले में प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
केंद्र स्थापित करने के लिए शर्तें और आवेदन प्रक्रिया
जैव इनपुट संसाधन केंद्र की स्थापना के लिए कुछ विशिष्ट नियम और शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदन करने वाले प्राकृतिक खेती करने वाले अभ्यस्त किसान, किसान समूह, महिला समूह, स्थानीय ग्रामीण उद्यमी, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियाँ, सहकारी समितियाँ या कृषि विज्ञान केंद्र के पास कम-से-कम 10 देसी पशुधन होने चाहिए। यह जैव उपादान उत्पादन के लिए गाय का गोबर, गौमूत्र और अन्य जैविक कचरे जैसे आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
इसके अतिरिक्त, केंद्र के पास विश्वसनीय जलस्रोत होना चाहिए, जो जैव-उपादान जैसे वर्मी कम्पोस्ट और बीजामृत की तैयारी के लिए अनिवार्य है। जैव उपादान के भंडारण और पैकेजिंग के लिए पर्याप्त स्थान और शेड भी आवश्यक है। चयनित स्थान किसानों और अन्य हितधारकों के लिए आसानी से सुलभ होना चाहिए।
प्रत्येक जैव उपादान संसाधन केंद्र के लिए 1,00,000.00 (एक लाख) रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इच्छुक आवेदक दिनांक 11.07.2026 को सूचना प्रकाशन की तिथि से 10 कार्य दिवस के भीतर जिला कृषि कार्यालय, संयुक्त कृषि भवन, महिनाथपुर, रामपट्टी, मधुबनी में अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदन केवल कार्यालय अवधि में ही स्वीकार किए जाएंगे।
यह पहल मधुबनी जिले में प्राकृतिक खेती को एक नई दिशा देगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन जमा कर किसान इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठा सकते हैं।








