Bihar Weather: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बिहार में लगातार सक्रिय बना हुआ है। शनिवार को राज्य के कई जिलों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि रविवार, 12 जुलाई को भी यह सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने 19 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट और पटना सहित अन्य 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम कार्यालय ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है, क्योंकि मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
सावधान! बिहार के 19 जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, IMD का बड़ा अलर्ट, ऐसे बचें जानलेवा आफत से
Bihar Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून बिहार में सक्रिय बना हुआ है, जिसके कारण शनिवार को राज्य के कई जिलों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि रविवार, 12 जुलाई को भी यह सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने 19 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि पटना सहित 19 अन्य जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है।





भारी बारिश का अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, क्योंकि मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। रविवार को कई जिलों में भारी वर्षा, गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। राजधानी पटना भी येलो अलर्ट पर है, जहां रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और भारी बारिश में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
जलजमाव से जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को राज्य के कई कस्बों और शहरों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। दरभंगा में नगर निगम कार्यालय, टाउन हॉल रोड, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) परिसर के साथ-साथ इसके मेडिसिन वार्ड में पानी घुस गया, जिससे मरीजों और अस्पताल के कामकाज पर असर पड़ा। बेगूसराय में भारी बारिश के बाद कई सड़कें दो से तीन फीट पानी में डूब गईं। मोकामा के रेफरल अस्पताल में तो बारिश का पानी इमारत के अंदर घुस गया, जिससे ओपीडी, पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण केंद्र की सेवाएं बाधित हो गईं। पटना के सचिवालय के कुछ हिस्सों, राजवंशी नगर स्थित एलएनजेपी अस्पताल और राजीव नगर व पटना सिटी के कई इलाकों में भी जलजमाव देखा गया।
मानसून की कमी और आगे का पूर्वानुमान
हालिया बारिश के बावजूद, इस मानसून सीजन में पटना में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 11 जुलाई के बीच राज्य में सामान्य 288.5 मिमी के मुकाबले 155.9 मिमी बारिश हुई है, जिसके परिणामस्वरूप 46% की कमी बनी हुई है। हालांकि, सक्रिय मानसून ने कई जिलों में वर्षा की स्थिति में सुधार किया है, जिससे आने वाले हफ्तों में मौसमी कमी के कम होने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग ने बताया कि पटना, खगड़िया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका और कटिहार जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। वहीं, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गया, जमुई, औरंगाबाद और सीवान जैसे जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में कैमूर में अधिकतम तापमान 34.2°C रहा, जबकि मुजफ्फरपुर में न्यूनतम तापमान 29.4°C दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पटना में 15 जुलाई तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, इस दौरान रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। दिन का तापमान लगभग 32°C रहने और आर्द्रता का स्तर ऊंचा रहने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि क्लाउड कवर अब पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की ओर खिसक गया है, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इस मौसम पैटर्न से बिहार में लगातार बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी और मध्य भारतीय राज्यों में वर्षा की गतिविधि कमजोर पड़ने का अनुमान है।
बिहार में भारी बारिश का अलर्ट और जलजमाव की स्थिति
आईएमडी के अनुसार, रविवार को कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही, राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। राजधानी पटना को येलो अलर्ट पर रखा गया है, जहां रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से बचें और भारी बारिश में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को कई कस्बों और शहरों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई। दरभंगा में नगर निगम कार्यालय, टाउन हॉल रोड, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) परिसर और उसके दवा वार्ड में पानी घुस गया, जिससे मरीजों और अस्पताल के कामकाज पर बुरा असर पड़ा। बेगूसराय में भारी बारिश के बाद कई सड़कें दो से तीन फीट पानी में डूब गईं। मोकामा के रेफरल अस्पताल में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे ओपीडी, पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण केंद्र की सेवाएं बाधित हुईं। पटना के सचिवालय, राजवंशी नगर स्थित एलएनजेपी अस्पताल और राजीव नगर व पटना सिटी के कई इलाकों में भी जलजमाव देखने को मिला।
मॉनसून की कमी और असमान वितरण
हालिया बारिश के बावजूद, इस मॉनसून सीजन में बिहार में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 11 जुलाई के बीच, राज्य में सामान्य 288.5 मिमी के मुकाबले केवल 155.9 मिमी बारिश हुई, जिससे 46% बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि, सक्रिय मॉनसून ने कई जिलों में बारिश की स्थिति में सुधार किया है, जिससे आने वाले हफ्तों में मौसमी कमी के कम होने की उम्मीद जगी है।
आईएमडी ने बताया कि पटना, खगड़िया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका और कटिहार जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। वहीं, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गया, जमुई, औरंगाबाद और सीवान जैसे जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में कैमूर में अधिकतम तापमान 34.2°C दर्ज किया गया, जबकि मुजफ्फरपुर में न्यूनतम तापमान 29.4°C रहा।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, पटना में 15 जुलाई तक आसमान आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, इस दौरान रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। दिन का तापमान लगभग 32°C रहने का अनुमान है, जबकि आर्द्रता का स्तर उच्च बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बादल पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं, की ओर बढ़ गए हैं। इस मौसम पैटर्न से बिहार में लगातार बारिश होने की उम्मीद है, भले ही आने वाले दिनों में पश्चिमी और मध्य भारतीय राज्यों में बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ने का अनुमान है।
मॉनसून के सक्रिय रहने से बिहार को भले ही कुछ राहत मिली है, लेकिन भारी बारिश के कारण उत्पन्न जलजमाव की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन को जल निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।







