Patna Water Metro: राजधानी पटना में अब गंगा नदी में वाटर मेट्रो का सफर जल्द ही शुरू होने वाला है। बिहार सरकार ने अगस्त महीने से इस नई परिवहन सेवा को शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह कदम शहर में सड़क जाम की समस्या को कम करने और शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह सेवा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) के तहत संचालित की जाएगी।
पटना की लाइफलाइन बनेगी गंगा! अगस्त से चलेगी वॉटर मेट्रो, क्या बदल देगी आपकी यात्रा?
Patna Water Metro: बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही लोगों को यातायात के एक नए साधन की सौगात मिलने वाली है। अगस्त महीने से गंगा नदी में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है, जिससे न केवल सड़क जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की जा रही है, जिसका संचालन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) करेगा। पहले चरण में यह सेवा दीघा घाट से कंगन घाट तक लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।






जानें पूरा रूट और स्टॉपेज
पर्यटन विभाग के अनुसार, वॉटर मेट्रो सेवा दीघा घाट और कंगन घाट के बीच चलेगी। इस दौरान यह गांधी घाट और गायघाट पर भी रुकेगी। यात्रियों की सुविधा और पहुंच में सुधार के लिए इन चारों स्थानों पर आधुनिक फ्लोटिंग जेट्टी का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस रूट को सोनपुर तक बढ़ाने की भी योजना है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलमार्ग कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।
- दीघा घाट
- गांधी घाट
- गायघाट
- कंगन घाट
डिजिटल बुकिंग और किराया
पर्यटन विभाग इस सेवा के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है। इससे यात्री आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, किराए की दर 50 रुपये से 100 रुपये के बीच हो सकती है, हालांकि अंतिम किराया संरचना की घोषणा अभी बाकी है। यह सेवा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक संचालित होने की उम्मीद है।
| सेवा | विवरण |
|---|---|
| किराया अनुमान | 50 से 100 रुपये |
| परिचालन समय | सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक |
| बुकिंग | मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल |
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नावें
प्रत्येक वॉटर मेट्रो नाव में लगभग 100 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और यह पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) होंगी। अधिकारियों के अनुसार, इन नावों में स्वचालित स्थान ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी और दूरस्थ निगरानी प्रणाली जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं होंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन से चार बचाव नौकाएं भी तैनात की जाएंगी। गांधी घाट पर एक फास्ट-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है, जिससे इलेक्ट्रिक नौकाओं को लगभग 10 से 15 मिनट में रिचार्ज किया जा सकेगा।
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया, “यह परियोजना शहरी गतिशीलता में सुधार के साथ-साथ राज्य में नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। यह सेवा निवासियों और पर्यटकों को गंगा के किनारे परिवहन का एक वैकल्पिक साधन प्रदान करेगी।”
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुभारंभ की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस सेवा के शुरू होने से पटना के लोगों को एक नई और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा, साथ ही राज्य में पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
दीघा घाट से कंगन घाट तक चलेगी पटना वाटर मेट्रो
पहले चरण में पटना वाटर मेट्रो सेवा दीघा घाट से कंगन घाट के बीच लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पर्यटन विभाग के अनुसार, यह सेवा गांधी घाट और गायघाट पर मध्यवर्ती पड़ावों के साथ दीघा घाट और कंगन घाट को जोड़ेगी। यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए सभी चारों स्थानों पर आधुनिक फ्लोटिंग जेटी का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में इस मार्ग को सोनपुर तक बढ़ाने की भी योजना है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलमार्ग कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नावें
प्रत्येक वाटर मेट्रो नाव में लगभग 100 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और वे पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, इन नावों में स्वचालित स्थान ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं होंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन से चार बचाव नौकाएं भी तैनात की जाएंगी। गांधी घाट पर एक फास्ट-चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया गया है, जिससे इलेक्ट्रिक नौकाओं को लगभग 10 से 15 मिनट में रिचार्ज किया जा सकेगा।
ऑनलाइन टिकट और संभावित किराया
पर्यटन विभाग ने टिकट बुकिंग के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल शुरू करने की योजना बनाई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, किराए का निर्धारण 50 रुपये से 100 रुपये के बीच हो सकता है, हालांकि अंतिम किराया संरचना की घोषणा अभी बाकी है। उम्मीद है कि यह सेवा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक संचालित होगी।
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया, “यह परियोजना शहरी गतिशीलता में सुधार के साथ-साथ राज्य में नदी पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। इस सेवा से पटना के निवासियों और आगंतुकों को गंगा के किनारे यात्रा का एक नया और सुविधाजनक साधन मिलेगा।”
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) इस परियोजना के शुभारंभ की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। यह नई पहल पटना के परिवहन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी और गंगा नदी के किनारे पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।








