Patna Gold Price: राजधानी पटना में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। गुरुवार, 16 जुलाई को 24-कैरेट सोने के दाम में 189 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 680 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, इस बदलाव के बाद निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए बाजार में नई स्थिति बन गई है।
सोने-चांदी के ताजा भाव
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आज 24-कैरेट सोने का भाव 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। वहीं, चांदी की कीमत में तेजी आने के बाद यह 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इन बदलते दामों के बीच बाजार में खरीद और बिक्री का रुख भी प्रभावित हो रहा है।






इस साल अब तक कैसा रहा प्रदर्शन?
हालिया गिरावट के बावजूद, इस साल सोने की कीमतें दिसंबर 31, 2025 की तुलना में काफी ऊपर बनी हुई हैं। उस समय 24-कैरेट सोना 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस साल अब तक सोने में लगभग 9,000 रुपये की बढ़त देखी गई है। हालांकि, 29 जनवरी को सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जिसके बाद इसमें कुछ सुधार आया है।
चांदी की कीमतों में भी इस साल भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। दिसंबर 2025 के अंत में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब 2.20 लाख रुपये पर है, यानी इसमें लगभग 10,000 रुपये की गिरावट आई है। चांदी ने भी 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था, लेकिन बाद के महीनों में इसमें नरमी आई।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में हालिया गिरावट के दो मुख्य कारण हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। एक मजबूत डॉलर आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डालता है।
- मुनाफावसूली: इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, निवेशकों और व्यापारियों ने मुनाफावसूली की, जिससे इन धातुओं की कीमतों में सुधार हुआ।
विशेषज्ञों की निवेश सलाह
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया सुधार ने सोने और चांदी को अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे ला दिया है, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर पैदा हुए हैं। हालांकि, वे एकमुश्त निवेश के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह देते हैं।
एक कमोडिटी विशेषज्ञ के अनुसार, वैश्विक बाजार की स्थितियों के आधार पर, सोना साल के अंत तक 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी लगभग 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ सकती है। यह सलाह निवेशकों को मौजूदा बाजार की अस्थिरता के बीच सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करती है।
सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव बाजार की गतिशीलता का हिस्सा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार विशेषज्ञों की राय पर ध्यान दें और अपनी वित्तीय योजनाओं के अनुसार निवेश करें, ताकि वे भविष्य में संभावित लाभ का अधिकतम फायदा उठा सकें। आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक कारकों और भू-राजनीतिक घटनाओं का असर इन धातुओं की कीमतों पर बना रहेगा।








