Bihar Child Abduction: बिहार के समस्तीपुर रेलवे जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 से एक तीन वर्षीय मासूम के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। इस घटना ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि करीब एक महीने पहले भी इसी प्लेटफॉर्म से एक बच्चे का अपहरण हुआ था।
गत दोपहर हुई इस घटना के बाद, राजकीय रेल पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। स्टेशन परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास जारी है।






समस्तीपुर स्टेशन से फिर मासूम बच्चा गायब! मां को झपकी लगी और प्लेटफॉर्म से केतन लापता
Samastipur Child Abduction: समस्तीपुर रेलवे जंक्शन पर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 से तीन वर्षीय मासूम के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
उजियारपुर थाना क्षेत्र के मालती वार्ड-9 निवासी कंचन देवी अपने तीन वर्षीय बेटे केतन के साथ दरभंगा स्थित मायके में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थीं। मंगलवार दोपहर वे समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं।
कैसे हुई घटना? मां को झपकी लगी और बच्चा गायब
कंचन देवी का आरोप है कि दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें हल्की झपकी आ गई। इसी दौरान उनका बेटा प्लेटफॉर्म पर खेल रहा था। जब उनकी नींद खुली तो बच्चा वहां नहीं था। इस घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।
‘दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें झपकी लग गई। इसी दौरान उनका बेटा प्लेटफॉर्म पर खेल रहा था। जब उनकी नींद खुली तो बच्चा वहां नहीं था।’ – कंचन देवी
महिला ने तत्काल जीआरपी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बच्चे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा संदिग्ध, पुलिस की टीमें सक्रिय
पीड़िता कंचन देवी ने दावा किया है कि स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को गमछे से ढककर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस संदिग्ध की पहचान और बच्चे की तलाश में जुटी है।
जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य तकनीकी माध्यमों से भी आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
एक महीने में दूसरी घटना, रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि लगभग एक महीने पहले भी समस्तीपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से एक बच्चे का अपहरण हुआ था। उस मामले में जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोतिहारी से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था और बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया था।
अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चे की सकुशल बरामदगी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
‘बच्चे की सकुशल बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।’ – पुलिस अधिकारी
मां की आंख लगी और बेटा गायब: कैसे हुआ अपहरण?
उजियारपुर थाना क्षेत्र के मालती वार्ड-9 निवासी कंचन देवी अपने तीन वर्षीय बेटे केतन के साथ दरभंगा स्थित अपने मायके जा रही थीं। दोपहर वे समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। कंचन देवी ने जीआरपी थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें झपकी आ गई। जब उनकी नींद खुली, तो उनका बेटा केतन, जो प्लेटफॉर्म पर खेल रहा था, वहां नहीं था।
पीड़िता कंचन देवी का दावा है कि स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को गमछे से ढककर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस संदिग्ध की पहचान और बच्चे की तलाश में जुटी है।
पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास मार्गों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही अन्य तकनीकी माध्यमों से भी आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
यह घटना इसलिए भी अधिक गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि लगभग एक महीने पहले भी समस्तीपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से एक बच्चे का अपहरण हुआ था। उस मामले में जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोतिहारी से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था और बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का भी खुलासा किया था।
पुलिस का कहना है कि बच्चे की सकुशल बरामदगी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
लगातार दूसरी बार हुई इस घटना ने समस्तीपुर रेलवे जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की उम्मीद है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








