Bihar Flood News: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अब Bihar में भी दिखने लगा है। कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड में कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों का पानी निचले इलाकों में फैलने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ के कारण कई गांवों में सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने लगी हैं, वहीं स्कूल परिसरों तक में बाढ़ का पानी पहुंचने से शैक्षणिक गतिविधियों पर भी संकट गहरा गया है।





दरभंगा के इन गांवों पर बाढ़ का खतरा
जानकारी के अनुसार, दरभंगा जिले के इटहर, उसरी, उजुआ, सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के कई गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया और इटहर पोखर भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने करीब दो दर्जन गांवों को तुरंत खाली कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
प्रशासन की व्यापक तैयारी, बचाव कार्य में जुटी टीमें
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए कुल 186 नावों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 512 राहत शिविर और 611 सामुदायिक किचन भी तैयार रखे गए हैं।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया, ‘जिले की बाढ़ प्रभावित स्थिति पर हमारी लगातार नजर बनी हुई है। सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया जाएगा।’
प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे ताकि प्रभावित लोग तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।







