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अररिया में परमान नदी उफान पर, लोगों को सता रहा 2017 की भयावह बाढ़ का डर!

Bihar Flood Alert: नेपाल में लगातार बारिश से अररिया की परमान नदी उफान पर है। निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों को 2017 की भयावह बाढ़ याद आ रही है, जिसके बाद प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की है।

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Bihar Flood Alert: पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अररिया जिले में दिख रहा है। यहां परमान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन एबीसी नहर में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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अररिया पर बाढ़ का खतरा! परमान नदी उफान पर, 2017 की तबाही याद कर सहमे लोग

Araria Flood: पड़ोसी देश नेपाल में हो रही लगातार बारिश का गंभीर असर अब बिहार के सीमावर्ती जिले अररिया में साफ दिखने लगा है। जिले से होकर गुजरने वाली परमान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसी के साथ, एबीसी नहर में भी पानी का स्तर हल्का बढ़ा है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन स्थानीय लोगों और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

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परमान नदी के बढ़ते जलस्तर का सीधा प्रभाव नदी से सटे निचले इलाकों के खेतों में दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है, जिससे खड़ी फसलें बर्बाद होने की आशंका है और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। स्थानीय निवासी लगातार नदी की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर बेहद सतर्क हैं।

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2017 की विनाशकारी बाढ़ का गहरा खौफ

अररिया के ग्रामीणों को वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ की यादें आज भी ताजा हैं। उस समय परमान नदी के उफान ने कई गांवों में भयंकर तबाही मचाई थी, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए थे और उनकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई थीं। यही वजह है कि नदी का जलस्तर बढ़ते ही लोगों के बीच फिर से भय का माहौल बनने लगा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ की यादें आज भी ताजा हैं। उस दौरान परमान नदी के उफान ने कई गांवों में भारी तबाही मचाई थी। घरों में पानी घुस गया था, फसलें बर्बाद हो गई थीं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी।

हर साल परमान नदी का जलस्तर बढ़ने पर बसंतपुर, रामपुर, मोहनपुर, बोची, झमटा, बासवाड़ी और मेटन सहित कई गांवों के निचले हिस्सों में पानी फैलने लगता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर और भी बढ़ सकता है, जिससे स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।

प्रशासन की पैनी नजर और ग्रामीणों से अपील

प्रशासन ने इस स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी है और लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह भी दी गई है।

हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अभी घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

मौसम और नदी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सीमावर्ती इलाकों के लोग आने वाले दिनों पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं। यदि नेपाल में बारिश की तीव्रता बनी रहती है, तो इसका असर अररिया की नदियों के जलस्तर पर और अधिक देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटा जा सके।

खेतों में फैला पानी, किसानों की बढ़ी परेशानी

परमान नदी के बढ़ते जलस्तर का प्रभाव नदी से सटे निचले इलाकों के खेतों में साफ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है, जिससे किसानों की परेशानी काफी बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीण नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर बेहद सतर्क हैं।

2017 की भयावह बाढ़ की यादें हुई ताजा

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ की यादें आज भी ताजा हैं। उस दौरान परमान नदी के उफान ने कई गांवों में भारी तबाही मचाई थी। घरों में पानी घुस गया था, फसलें बर्बाद हो गई थीं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी।

यही वजह है कि नदी का जलस्तर बढ़ते ही लोगों के बीच भय का माहौल बनने लगा है। हर साल परमान नदी का जलस्तर बढ़ने पर बसंतपुर, रामपुर, मोहनपुर, बोची, झमटा, बासवाड़ी और मेटन सहित कई गांवों के निचले हिस्सों में पानी फैलने लगता है।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

ग्रामीणों ने बताया कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है और लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मौसम और नदी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के लोग आने वाले दिनों पर अपनी निगाहें जमाए हुए हैं। यदि नेपाल में बारिश तेज बनी रहती है, तो इसका असर बिहार की नदियों, खासकर अररिया में और अधिक देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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