Bihar Police: पुरानी और जर्जर गाड़ियों के कारण बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर जो सवाल उठे वो बात आज से पुरानी हो गई। अब बिहार पुलिस के वाहन बेड़े में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे पुलिसिंग और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार पुलिस को नई हाईटेक गाड़ियों की सौगात दी है। पुलिस विभाग को कुल 84 नए वाहन मिले हैं, जिनमें 48 पुलिस बस, 30 स्कॉर्पियो और 6 अत्याधुनिक एंबुलेंस शामिल हैं। इन नए वाहनों के शामिल होने से पुलिस की गश्ती व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।






पुलिसिंग होगी तेज, कम होगा रिस्पॉन्स टाइम
बिहार सरकार का मानना है कि केवल आधुनिक संसाधनों से लैस पुलिस बल ही बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित कर सकता है। इसी सोच के साथ वाहन बेड़े का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नई पुलिस वैन और स्कॉर्पियो के जरिए जिलों में गश्त बढ़ाने, अपराध की सूचना पर तेजी से पहुंचने और विशेष अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को मिलीं 6 नई एंबुलेंस किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या विशेष अभियान के दौरान घायल पुलिसकर्मियों और आम लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह कदम पुलिस बल की दक्षता और जनसेवा की भावना को और मजबूत करेगा।
संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई मौकों पर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार पुलिस को संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार लगातार पुलिस के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है, और ये नए वाहन उसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
सरकार का मानना है कि आधुनिक वाहन मिलने से न केवल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, पेट्रोलिंग और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी तेजी आएगी। इससे जनता को बेहतर और त्वरित पुलिस सेवा मिल सकेगी।
एक अणे मार्ग से हुआ वितरण
राजधानी पटना स्थित एक अणे मार्ग परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन सभी वाहनों को बिहार पुलिस को औपचारिक रूप से सौंपा। इस मौके पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इन नई गाड़ियों के शामिल होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बिहार पुलिस को अब पुरानी और खराब वाहनों की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी, और वह ‘धक्का-स्टार्ट’ की पुरानी छवि से बाहर निकल पाएगी।








