Bihar AI Policy: बिहार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी ‘Bihar AI Policy’ के तहत, राज्य सरकार ने सूचना प्रावैधिकी विभाग के माध्यम से सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) और भारत जीपीटी (कोरोवर प्राइवेट लिमिटेड) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक कदम से सुशासन और नवाचार को नई गति मिलेगी, जिससे राज्य में डिजिटल क्रांति का मार्ग प्रशस्त होगा।







मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में 17 जुलाई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में यह समझौता हुआ। सूचना प्रावैधिकी विभाग, सरवम डॉट एआई और भारत जीपीटी से जुड़े अधिकारियों ने एक-दूसरे के बीच ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया।
बिहार में अब AI से चलेगा सुशासन! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान, आपके काम होंगे और भी आसान
Bihar AI: बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुशासन का रास्ता खुल गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी पहल पर सूचना प्रावैधिकी विभाग ने आज दो अग्रणी AI कंपनियों, सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) और भारत जीपीटी (कोरोवर प्राइवेट लिमिटेड) के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक करार से राज्य में AI तकनीक का उपयोग कर सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और प्रशासन को अधिक कुशल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा, ‘AI के क्षेत्र में बिहार ने बढ़ाया ऐतिहासिक कदम, सुशासन व नवाचार को मिलेगी नई गति।’
हर नागरिक तक पहुंचेगी AI की सुविधा, मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच को हर नागरिक और सरकारी अधिकारी के लिए सुलभ और आसान बनाना है। इसके माध्यम से AI के बेहतर उपयोग और विकास के लिए एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलेगी। भारत में बने बुनियादी AI मॉडल्स और एप्लिकेशन्स तक राज्य के विभागों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठा पाएंगे।

बिहार के स्वीकृत शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अपनी AI रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने में भी सहूलियत मिलेगी। स्थानीय भाषाओं में स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजकर बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर AI संचालित शासन के मॉडल के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एक स्थानीय भागीदार इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे लंबे समय तक AI विकास को बल मिलेगा।

डिजिटल बिहार का सपना होगा साकार: सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पहल को ‘डिजिटल बिहार के निर्माण और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी AI मॉडल तैयार किए जाएंगे। इन मॉडलों की मदद से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए AI आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे।
हिंदी, मैथिली, भोजपुरी, मगही सहित भारतीय भाषाओं में…
यह साझेदारी बिहार को AI-प्रथम (AI-first) शासन मॉडल की दिशा में नई गति प्रदान करेगी। AI आधारित चैटबॉट एवं वर्चुअल असिस्टेंट के माध्यम से नागरिकों को हिंदी, मैथिली, भोजपुरी, मगही सहित भारतीय भाषाओं में सरकारी सेवाएँ, शिकायत निवारण एवं आवश्यक जानकारी अधिक सरल, त्वरित और सुलभ रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए AI एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगी।
स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा
राज्य में बड़े पैमाने पर AI कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, AI आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी, भारत जीपीटी (कोरोवर प्राइवेट लिमिटेड) के वाइस प्रेसिडेंट शशांक शेखर ठाकुर और सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राज चौहान सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। यह समझौता बिहार को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
AI से कैसे बदलेगा बिहार का भविष्य?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘AI के क्षेत्र में बिहार ने ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है, जिससे सुशासन और नवाचार को नई गति मिलेगी।’
मुख्यमंत्री ने इस पहल को डिजिटल बिहार के निर्माण और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते के माध्यम से बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी एआई मॉडल तैयार किए जाएंगे। सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए एआई आधारित समाधान विकसित करने पर भी काम होगा। राज्य में बड़े पैमाने पर एआई कौशल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, साथ ही एआई आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
हर नागरिक तक AI, स्थानीय समस्याओं का समाधान
इस समझौता ज्ञापन से कई उद्देश्यों की प्राप्ति होगी। यह राज्य के हर नागरिक और सरकारी अधिकारी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पहुंच को सुलभ और आसान बनाएगा। इसके साथ ही, एआई के बेहतर उपयोग और विकास के लिए एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी मदद मिलेगी। भारत में बने बुनियादी एआई मॉडल्स और एप्लिकेशन्स तक राज्य के विभागों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
बिहार के स्वीकृत शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अपनी एआई रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय भाषाओं में स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजकर, बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एआई संचालित शासन के मॉडल के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
यह पहल सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एक स्थानीय भागीदार इकोसिस्टम तैयार करेगी, जिससे लंबे समय तक एआई विकास को बल मिलेगा।
कौन-कौन रहे मौजूद, क्या हैं अगले कदम?
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी उपस्थित थे। इसके अलावा, भारत जीपीटी (कोरोवर प्राइवेट लिमिटेड) के वाइस प्रेसिडेंट शशांक शेखर ठाकुर और सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राज चौहान सहित अन्य वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। यह समझौता बिहार को डिजिटल युग में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस नींव रखेगा, जिससे भविष्य में सरकारी कामकाज और नागरिक सेवाओं में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेंगे।








You must be logged in to post a comment.