Bihar Property Registration: अब बिहार में जमीन-जायदाद और फ्लैट की रजिस्ट्री में बाजार मूल्य से कम दाम दिखाकर स्टांप ड्यूटी बचाने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026 लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत संपत्ति के कम मूल्यांकन (अंडर-वैल्यूएशन) पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। यह संशोधन उन लोगों के लिए बड़ा झटका साबित होगा, जो अक्सर अंडर-वैल्यूएशन का रास्ता अपनाकर लाखों-करोड़ों रुपये की स्टांप ड्यूटी चोरी करते रहे हैं।
बिहार में रजिस्ट्री के नए नियम: 100% जुर्माना और कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक बाजार कीमत से कम मूल्य दिखाकर रजिस्ट्री कराता है, तो उसे भारी जुर्माना चुकाना होगा। नए प्रावधानों के तहत, कम आंकी गई राशि के बराबर 100 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। इस जुर्माने के अतिरिक्त, संपत्ति पर लगने वाला मूल स्टांप शुल्क भी वसूल किया जाएगा।






नया कानून केवल आम जनता पर ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर भी लागू होगा। यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया में किसी सरकारी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व चोरी पर लगेगी लगाम, बढ़ेगी पारदर्शिता
बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर में स्टांप ड्यूटी की चोरी एक आम समस्या रही है। अक्सर देखा जाता था कि बाजार में किसी संपत्ति की कीमत भले ही 1 करोड़ रुपये हो, लेकिन उसकी रजिस्ट्री मात्र 40-50 लाख रुपये में करा ली जाती थी। इससे राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि होती थी।

नए विधेयक से न केवल राज्य का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि संपत्ति के लेनदेन में पारदर्शिता भी आएगी। सरकार का मानना है कि यह कदम अवैध तरीकों से स्टांप ड्यूटी बचाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाएगा।
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह संशोधन विधेयक जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा से पास होने के बाद इसे तुरंत लागू कर दिया जाएगा, जिसके बाद बिहार में संपत्ति की रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।









