Bihar Child Labor: दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना परिसर में बाल श्रम और बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गुरुवार को घनश्यामपुर थाना और सेंटर डायरेक्ट कवच परियोजना, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में एक जन जागरूकता कार्यशाला सह शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संरक्षण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला की अध्यक्षता महिला दरोगा आकृति कुमारी ने की। इसमें थाना के सभी पुलिसकर्मी, चौकीदार और सेंटर डायरेक्ट कवच परियोजना के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान बाल संरक्षण पुलिस पदाधिकारी सतीश कुमार ने बाल श्रम और बाल विवाह को समाज से मिटाने के लिए पुलिस, चौकीदारों और सभी वर्गों के साझा प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।






दरभंगा को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य
सतीश कुमार ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि दरभंगा जिले को बाल श्रम और बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त बनाने का लक्ष्य केवल सामूहिक भागीदारी से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा,

“बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए पुलिस, चौकीदार और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।”
इस दिशा में स्थानीय पुलिस और सामुदायिक स्तर पर काम करने वाले चौकीदारों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
गांव-गांव में चौकीदारों की अहम भूमिका
सेंटर डायरेक्ट कवच परियोजना के प्रतिनिधि सत्य प्रकाश और त्रिपुरारि कुमार ने चौकीदारों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर उन्हें हमेशा सतर्क रहना होगा और बाल श्रम, बाल विवाह या बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल पुलिस और संबंधित विभाग को देनी होगी। प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि,
“चौकीदार गांव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सक्रिय भूमिका से ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम संभव है।”
कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित पुलिसकर्मियों और चौकीदारों ने एक महत्वपूर्ण शपथ ली। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाने और बाल श्रम व बाल विवाह जैसे मामलों की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर इन गंभीर समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।









