Bihar Kosi River Erosion: बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी का प्रचंड रूप एक बार फिर सामने आया है। सुपौल प्रखंड की तेलवा पंचायत के वार्ड संख्या-5 में कोसी नदी का कटाव लगातार तबाही मचा रहा है। नदी की तेज धाराओं ने दर्जनों घरों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे कई परिवारों के सिर से छत छिन गई है। ये परिवार अब खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिनके सामने भोजन, सुरक्षित आवास और बच्चों की सुरक्षा जैसी मूलभूत समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
पल भर में खत्म हुई वर्षों की कमाई
कोसी नदी के लगातार बढ़ते कटाव से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि संजय यादव, विजय यादव और अमलेश यादव सहित कई परिवारों के घर देखते ही देखते नदी में विलीन हो गए। उनकी वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से बनाए गए आशियाने कुछ ही घंटों में कोसी की तेज धारा में समा गए। अब उनके पास न रहने की कोई सुरक्षित जगह बची है और न ही भविष्य को लेकर कोई भरोसा। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।






प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, तुरंत राहत की मांग
कटाव से प्रभावित ग्रामीणों में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि हर वर्ष बाढ़ और कटाव के दौरान सरकार और प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता नहीं पहुंचती।
ग्रामीणों का कहना है, “अब तक न तो कोई जनप्रतिनिधि गांव पहुंचा है और न ही राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों में नाराजगी है।”
कटाव प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने और कोसी नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
अंचल अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
इस गंभीर स्थिति को लेकर अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने कहा, “मामले की जांच कर नियमानुसार प्रभावित परिवारों को राहत एवं राशन सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और भी कई घर कोसी नदी में समा सकते हैं, जिससे क्षेत्र में संकट और गहरा जाएगा। प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने होंगे ताकि और अधिक परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके।








