Prashant Kishor CJP: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर तीखे हमले किए, खासकर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी कामकाज के तरीके को लेकर। प्रशांत किशोर ने एक नए राजनीतिक दल CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के बिहार में आने की संभावना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
पेपर लीक-बेरोजगारी पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान! बोले- बिहार में छात्रों के मुद्दों पर जो भी आएगा, उसका स्वागत
Prashant Kishor Bihar: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बिहार आने की खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जो भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना चाहते हैं और छात्रों के मुद्दों के लिए काम करना चाहते हैं, उनका बिहार में स्वागत है।






उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज देश के कई युवा पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने यह भी जोर देकर कहा कि अगर लोग एकजुट होकर अपनी बात रखते हैं, तो सरकार को उनकी मांगें सुननी पड़ती हैं।
छात्रों के मुद्दे पर अभिजीत दिपके का स्वागत
प्रशांत किशोर ने अभिजीत दिपके और उनकी टीम का बिहार में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अगर अभिजीत दिपके छात्रों के मुद्दों पर काम करने के लिए बिहार आते हैं, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा।
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘जो भी व्यक्ति लोकतांत्रिक तरीके से लोगों की आवाज उठाना चाहता है, वह उनके साथ है। युवाओं के सवालों को मिलकर उठाना जरूरी है।’
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं से जुड़े सवालों को मिलकर उठाना बेहद जरूरी है, ताकि सरकार इन समस्याओं पर ध्यान दे सके।
सोनम वांगचुक का जिक्र और युवाओं का आंदोलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक उनके पुराने मित्र हैं और लद्दाख आंदोलन के दौरान उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा गया था। प्रशांत किशोर ने याद दिलाया कि सोनम वांगचुक ने भी CJP के मंच से अपनी बात रखी थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अलग-अलग लोग अब जनता के मुद्दों पर एक साथ आ रहे हैं, जो एक बड़े बदलाव का संकेत है।
युवाओं के आंदोलन को बताया बड़ी शुरुआत
प्रशांत किशोर ने हाल के युवा आंदोलनों को एक बड़ी शुरुआत बताया। उनके अनुसार, इन आंदोलनों में बड़ी संख्या में युवा किसी एक नेता के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य, बेहतर शिक्षा और रोजगार की मांग को लेकर मैदान में उतरे थे।
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘जनता जब एकजुट होती है, तो सरकार को फैसले बदलने पड़ते हैं। यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में ऐसे मुद्दे और मजबूती से उठेंगे।’
उनका मानना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में ऐसे मुद्दे और भी मजबूती से उठेंगे, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ेगा और युवाओं की समस्याओं का समाधान निकलेगा।
‘CJP बिहार में आए तो जन सुराज करेगा स्वागत’
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, ‘अगर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) बिहार में आती है, तो जन सुराज उसका स्वागत करेगा।’ उन्होंने आगे जोड़ा कि जन सुराज हर उस व्यक्ति या संगठन के साथ खड़ा होगा, जो सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये और कामकाज को चुनौती देना चाहता है। किशोर ने यह भी कहा कि, ‘अगर CJP के कार्यकर्ता बिहार आकर छात्रों के मुद्दों पर काम करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।’ उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपना व्यक्तिगत मित्र बताया और कहा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि लद्दाख में हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें जयपुर की जेल में महीनों तक रखा गया था। प्रशांत किशोर ने सोनम वांगचुक के छात्रों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने की बात दोहराते हुए कहा कि यदि उन्होंने CJP के मंच से अपनी बात रखी है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनता के दबाव का नतीजा: PK
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रशांत किशोर ने इसे ‘जवाबदेही की शुरुआत’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला जनता के दबाव के कारण सरकार को लेना पड़ा। किशोर ने कहा,
विपक्षी दल कमजोर हो सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता का विपक्ष कभी कमजोर नहीं होता।
उन्होंने हाल के आंदोलनों का जिक्र करते हुए बताया कि युवा किसी एक संगठन के लिए नहीं, बल्कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनके अनुसार, ‘यही जनदबाव सरकार पर पड़ा और इसके परिणामस्वरूप बड़ा फैसला लेना पड़ा।’ प्रशांत किशोर ने इसे सिर्फ शुरुआत बताया और कहा कि जवाबदेही की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
शिक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना, बोले- सरकार की प्राथमिकता नहीं
प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में शिक्षा की गुणवत्ता से अधिक वैचारिक प्रभाव बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बने। उन्होंने याद दिलाया कि जिस दौरान पेपर लीक की घटनाएं हुईं, उस समय के शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा था। प्रशांत किशोर ने नए शिक्षा मंत्री से उम्मीद जताई कि वे कदाचार मुक्त और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है, जहां छात्र अपने भविष्य और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हैं।








