Darbhanga Rural Doctors: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने के लिए अब ग्रामीण चिकित्सक भी अहम भूमिका निभाएंगे। दरभंगा में 55 ग्रामीण चिकित्सकों को सड़क दुर्घटना के घायलों के प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल से दूर-दराज के इलाकों में भी घायलों को समय पर सही चिकित्सकीय सहायता मिल सकेगी, जिससे उनकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।







एसवी हॉस्पिटल, बेंता ईदगाह रोड, एमके कॉलेज के सामने के तत्वावधान में 26 जुलाई, रविवार को सरकार क्लासेस, कल्याणपुर में यह सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण चिकित्सकों को सड़क दुर्घटना के बाद की शुरुआती और महत्वपूर्ण देखभाल के लिए तैयार करना था।
दुर्घटना के बाद शुरुआती पल क्यों हैं बेहद खास?
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौड़ी शंकर झा ने इस अवसर पर कहा, ‘दुर्घटना के बाद प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान घायल को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तो उसकी जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।’ उन्होंने ग्रामीण चिकित्सकों को घायलों के प्राथमिक उपचार, उचित प्रबंधन और समय पर सही चिकित्सकीय निर्णय लेने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
डॉ. झा ने प्रशिक्षण के दौरान हाथों और जांघ में इंट्रामस्क्युलर (Intramuscular) इंजेक्शन लगाने के सही स्थान और सुरक्षित तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में खून रोकने के लिए घाव में टांके (स्यूचर) लगाने की सही विधि और आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल जीवन रक्षक उपाय उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

इन ग्रामीण चिकित्सकों ने बढ़ाया अपना कौशल
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राम दयाल महतो, ग्रामीण चिकित्सक संघ के जिला अध्यक्ष श्री महेंद्र महतो, कल्याणपुर ग्रामीण चिकित्सक संघ के प्रखंड अध्यक्ष और प्रखंड कोषाध्यक्ष श्री सत्येन्द्र कुमार के सहयोग एवं देखरेख में हुआ। प्रशिक्षण में नीरज कुमार, राजेश कुमार राय, विवेकानंद कुमार, पांडव चौधरी, उदय कुमार साह, राघवेंद्र शर्मा, शंकर राय, संजय कुमार राय और राजेश कुमार त्रिवेदी सहित लगभग 55 ग्रामीण चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सभी प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से अपनी विभिन्न चिकित्सीय जिज्ञासाओं पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उनके ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कार्यक्रम के समापन पर, एस.वी. हॉस्पिटल की ओर से सभी उपस्थित ग्रामीण चिकित्सकों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में दीपेश, संजय दास, जितेंद्र पंडित, आशुतोष सेतु और अविनाश का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह प्रशिक्षण ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।









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