Supaul News: बिहार के सुपौल जिले में स्थित किशनपुर अंचल के मौजहा पंचायत के पंचगछिया गांव में कोसी नदी का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुक्रवार को इस भीषण कटाव की चपेट में जल नल योजना के तहत निर्मित एक सरकारी मिनी पानी टंकी और उससे जुड़ा चदरायुक्त भवन आ गया, जो देखते ही देखते नदी में समा गया। प्रशासन के अनुसार, अब तक कुल 15 घर नदी में विलीन हो चुके हैं, जिससे प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है।
कटाव से प्रभावित परिवारों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। गांव में लगातार बढ़ते खतरे के कारण ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।






कोसी नदी का रौद्र रूप: पानी टंकी और 15 घर हुए विलीन
पंचगछिया गांव के वार्ड 14 में कोसी नदी की धारा आबादी वाले क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को रामविलास कुमार के घर के पास स्थापित सरकारी जल नल योजना की मिनी पानी टंकी अचानक कटाव की जद में आ गई। कुछ ही देर में पूरा ढांचा नदी में समा गया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का रुख लगातार बदल रहा है और कटाव की रफ्तार पहले से कहीं अधिक तेज हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, कोसी नदी का जलस्तर घटने के बाद अक्सर किनारों का कटाव तेज हो जाता है, और इस बार भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। नदी धीरे-धीरे आबादी वाले हिस्से की ओर बढ़ रही है, जिससे मकानों के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों और उपजाऊ खेती की जमीन पर भी खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हुए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।
ग्रामीणों में आक्रोश, तत्काल बचाव कार्य की मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर रहे हैं। हालांकि, अब तक मौके पर कटाव रोकने के लिए कोई स्थायी या प्रभावी कार्य शुरू नहीं किया गया है। इसी कारण ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि केवल निरीक्षण से स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि जमीन पर तत्काल बचाव कार्य शुरू होना चाहिए।
ग्रामीण रामकुमार, रामेश्वर कुमार, कृष्ण कुमार, रघुनाथ शाह, बुलेटिन यादव, सीताराम यादव, उपेंद्र यादव, धनीलाल यादव और जयराम यादव सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी उपाय नहीं किए गए तो कई और परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ सकता है, और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि भी नदी में समा सकती है।
किशनपुर के प्रभारी अंचलाधिकारी जियाउल कमर ने बताया, “अब तक 15 घर कोसी नदी के कटाव में विलीन हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों का प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई उच्च स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार की जाएगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।”
प्रशासन की ओर से निगरानी जारी है, लेकिन ग्रामीणों को तत्काल ठोस कार्रवाई का इंतजार है ताकि वे अपने घरों और जमीन को कोसी के कहर से बचा सकें।








