Bihar Rail Doubling: मिथिला क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण की निविदा को अंतिम रूप दे दिया है। 407 करोड़ रुपये की लागत से 64 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का दोहरीकरण जल्द ही शुरू होगा। यह परियोजना न केवल दरभंगा को रेलवे कनेक्टिविटी का हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि इससे पूरे मिथिलांचल में विकास की नई राहें खुलेंगी।
बड़ी खबर! दरभंगा-सीतामढ़ी रेल लाइन दोहरीकरण का रास्ता साफ, ₹407 करोड़ से बदलेगी मिथिला की किस्मत!
Bihar Rail Doubling: मिथिलांचल के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण की निविदा को अंतिम रूप दे दिया गया है। 407 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह 64 किलोमीटर लंबी रेल लाइन क्षेत्र के विकास को नई गति देगी। इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। इस पहल से दरभंगा को रेलवे कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है, जिससे पूरे मिथिलांचल में खुशी की लहर है।






रेल मंत्री से मिलकर सांसद ने जताया आभार
स्थानीय सांसद और रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद केंद्रीय रेल तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। शुक्रवार को संसद भवन स्थित रेल मंत्रालय के कार्यालय में हुई इस भेंट के दौरान, डॉ. ठाकुर ने इस परियोजना के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की यह पहल मिथिला क्षेत्र में माता जानकी के सम्मान के लिए एक दूरगामी और वरदान साबित होगी। इस बैठक में दरभंगा की निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मिथिलांचल के लिए वरदान साबित होगी यह परियोजना
सीतामढ़ी के पुनौराधाम में बन रहे माता जानकी मंदिर की महत्ता को देखते हुए दरभंगा-सीतामढ़ी रेल लाइन का दोहरीकरण बेहद महत्वपूर्ण है। 64 किलोमीटर की इस रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 407 करोड़ रुपये की निविदा को फाइनल किया जाना यह साफ दर्शाता है कि केंद्र सरकार केवल दरभंगा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह Bihar Rail Doubling परियोजना क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक उन्नति में मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा, “मिथिला, कोशी तथा सीमांचल से नरकटियागंज होकर गोरखपुर जाने वाले ट्रेनों के लिए यह एक प्रमुख वैकल्पिक रेल मार्ग के रूप में उपयोगी साबित होगा। इससे सीतामढ़ी और दरभंगा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा।”
इस दोहरीकरण से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि यह क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा। मिथिला, कोशी और सीमांचल जैसे क्षेत्रों को भी इस नए वैकल्पिक मार्ग का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
दरभंगा-सीतामढ़ी रेल लाइन: कनेक्टिविटी का नया अध्याय
दरभंगा से सीतामढ़ी तक 64 किलोमीटर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 407 करोड़ रुपये की निविदा को अंतिम रूप देकर सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। अब शीघ्र ही निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी। इस परियोजना से मिथिलांचल की रेलवे कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार आएगा, जिससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी तेज होगा।
स्थानीय सांसद और रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने शुक्रवार को संसद भवन स्थित रेलवे मंत्रालय के कार्यालय में रेल तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह क्षेत्र के लिए एक दूरगामी कदम है।
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा, ‘मिथिला क्षेत्र में माता जानकी के सम्मान के लिए केंद्र सरकार की यह पहल दूरगामी तथा वरदान साबित होगा।’
इस दौरान डॉ. ठाकुर ने दरभंगा की निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंत्री से विस्तार से चर्चा भी की।
माता जानकी मंदिर और बिहार रेल दोहरीकरण का महत्व
सीतामढ़ी के पुनौराधाम में बन रहे माता जानकी मंदिर की महत्ता को देखते हुए दरभंगा-सीतामढ़ी रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। यह परियोजना केवल दरभंगा के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की केंद्र सरकार की पहल को भी दर्शाती है।
यह रेल लाइन दोहरीकरण मिथिला, कोशी और सीमांचल क्षेत्र से नरकटियागंज होकर गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों के लिए एक प्रमुख वैकल्पिक रेल मार्ग के रूप में उपयोगी साबित होगा। इससे सीतामढ़ी और दरभंगा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा और इन क्षेत्रों के बीच आवागमन और व्यापार में भी वृद्धि होगी। इस परियोजना से क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा सुगम और तेज होगी।








