Bihar IPS Shailja Das: बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान एक युवा आईपीएस अधिकारी का निडर और बेबाक अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो बिहार के पटना (पूर्वी) की सिटी एसपी शैलजा दास का है, जिन्हें अब लोग ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जानने लगे हैं। उनके एक बयान ने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया है।
हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के बीच पटना में भी छात्रों का आक्रोश देखने को मिला था। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सड़क पर उतरा था। इन्हीं पुलिस अधिकारियों में आईपीएस शैलजा दास का अलग और प्रभावशाली व्यक्तित्व सामने आया।






‘फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है, जिसको जो बोलना है बोले…’
आईपीएस शैलजा दास का छात्र आंदोलन से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए एक बेबाक बयान देती दिख रही हैं। उनके इस बयान की यूजर्स जमकर तारीफ कर रहे हैं।
‘Freedom Of Expression है, जिसको जो बोलना है बोले, लेकिन जब तक वे हम पर बल का प्रयोग नहीं करेंगे, तब तक हम भी बल प्रयोग नहीं करेंगे.’
इस बयान ने उनकी छवि को एक निडर और संतुलित अधिकारी के रूप में स्थापित किया है, जिसके बाद उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहा जाने लगा है।
कौन हैं Gen-Z आईपीएस शैलजा दास?
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 2022 बैच की अधिकारी शैलजा दास का जन्म 7 नवंबर 1997 को हुआ था। वह Gen-Z पीढ़ी से आती हैं, जिसमें 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग शामिल होते हैं। शैलजा दास मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के कायस्थ टोला की रहने वाली हैं, जहां उनका पैतृक घर है।
उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा बुद्धा पब्लिक स्कूल से पूरी की और 2013 में दसवीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की। इसके बाद, वह दिल्ली चली गईं, जहां उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
23 साल की उम्र में क्रैक की UPSC परीक्षा
दिल्ली से ही शैलजा दास का आईपीएस बनने का सफर शुरू हुआ। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 83वीं रैंक हासिल की। इस तरह, मात्र 23 साल की उम्र में ही शैलजा दास आईपीएस अधिकारी बन गईं और उन्हें अपना होम कैडर बिहार मिला।
आईपीएस बनने के बाद, शैलजा दास ने प्रशिक्षु लालगंज थाना प्रभारी के रूप में सेवा दी। इसके बाद, उन्हें नालंदा जिले के हिलसा में एसडीपीओ के पद पर तैनात किया गया। वर्तमान में, वह पटना की सिटी पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के पद पर कार्यरत हैं और छात्र आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। भविष्य में भी उनसे ऐसे ही कर्तव्यनिष्ठा और जनहितैषी फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं। उनकी तस्वीर और वीडियो शेयर कर रहे हैं। एक यूजर लिखता है…
ये तस्वीर है पटना में तैनात 2021 बैच की IPS शैलजा दास की !
एक तरफ़ जहां छात्र आंदोलन के दौरान दिल्ली में कील लगी लाठी, टीयर गैस, पैलेट गन का खुलेआम प्रयोग छात्रों पर किया गया, बिहार में AK 47 चलाई गई वहीं दूसरी तरफ़ यह संवेदनशील अधिकारी ZenG प्रदर्शन के दौरान अपने पुलिस बल को सख्त हिदायत दे रही थीं कि…
“ नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। जब तक कोई हमारे खिलाफ हिंसा नहीं करेगा, हम ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे .”
काश! शैलजा जैसे कुछ और आईपीएस होते. तो बच्चों के साथ ऐसा अत्याचार ना होता।








