Aurangabad Crime: औरंगाबाद जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। शनिवार देर रात डिहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी का आदेश दिया है।
पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि यह दुखद घटना बारून थाना क्षेत्र में घटी है। कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार शनिवार रात अपने निजी वाहन से डिहरी से पटना जा रहे थे। उन्होंने सोन नहर के सेवा पथ का रास्ता चुना था।






बिहार में सनसनीखेज वारदात! पटना जा रहे EO विमल कुमार की निर्मम हत्या, कार रोककर किया हमला
Aurangabad News: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या से हड़कंप मच गया है। रविवार तड़के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की उस वक्त जान ले ली गई, जब वे अपनी कार से डेहरी से पटना की ओर जा रहे थे। इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कैसे हुई वारदात?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमल कुमार की कार को बारुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास कथित तौर पर ओवरटेक कर रोका गया। इसके बाद हमलावरों ने चालक को अपने कब्जे में ले लिया और विमल कुमार पर क्रूरतापूर्वक हमला किया। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोली लगने की आशंका और जांच
शुरुआती दौर में यह चर्चा भी सामने आई कि मौत गोली लगने से हुई है, लेकिन पुलिस और डॉक्टरों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने स्पष्ट किया है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत गोली लगने से हुई या किसी अन्य कारण से। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने लाठी, डंडे और लोहे की रॉड जैसी वस्तुओं से हमला किया हो सकता है। वारदात के बाद चालक मिथिलेश कुमार घटनास्थल से चला गया था, जिसे बाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां उससे घटना के हर पहलू की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक ने की घटना की पुष्टि, छापेमारी जारी
पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, ‘कार्यपालक पदाधिकारी श्री कुमार आज रात अपने वाहन से डिहरी से सोन नहर के सेवा पथ के रास्ते पटना जा रहे थे, तभी रास्ते में धनौती पुल के पास सशस्त्र अपराधियों ने वाहन को रोककर उन्हें गोली मार दी। घायल पदाधिकारी को इलाज के लिए रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।’
पुलिस अधीक्षक श्री वर्मा ने आगे बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
एक सरकारी अधिकारी की हत्या ने बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने का दबाव बढ़ गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू से इसकी पड़ताल कर रही है।
प्रशासनिक महकमे में हलचल, परिवार पर दुखों का पहाड़
इस सनसनीखेज घटना के बाद रोहतास और औरंगाबाद जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पहुंचे। रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार, औरंगाबाद के एसएसपी उपेंद्र नाथ वर्मा, सासाराम की एसडीएम नेहा कुमारी और डेहरी के एसडीएम निलेश कुमार सहित कई अधिकारी देर रात तक स्थिति की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने जांच प्रभावित न हो, इसलिए मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है। जांच एजेंसियां घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और कार की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। विमल कुमार मूल रूप से गया जिले के शेरघाटी के रहने वाले थे और उनका परिवार पटना में रहता है। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटी और एक छोटा बेटा हैं, जो इस खबर से सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन सासाराम पहुंचे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे या उन्होंने रास्ते में कार का पीछा किया था। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और लोग जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों और अपराधियों का खुलासा हो पाएगा।
सोन नहर के सेवा पथ पर रोका, फिर मारी गोली
रात के अंधेरे में जब उनका वाहन धनौती पुल के पास पहुंचा, तभी सशस्त्र अपराधियों ने उसे रोक लिया। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के विमल कुमार को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद के कर्मचारियों में गहरा शोक व्याप्त है।
इलाके में नाकेबंदी, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने जानकारी दी कि वारदात की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई है। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द से जल्द अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने का आश्वासन दिया है।








