‘BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’! ‘देरी से छात्र भड़क गए हैं’| बड़ा ऐलान…जब वह 10वीं कक्षा में थे, तब शोभा अहोतकर दरभंगा की एसपी थीं
शिक्षक बनने का सपना देख रहे बिहार के लाखों अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। बीपीएससी टीआरई-4 (BPSC TRE-4) के नोटिफिकेशन में लगातार हो रही देरी से छात्र भड़क गए हैं। छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर ‘BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ का नारा बुलंद किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द विज्ञापन जारी नहीं हुआ तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।






अधियाचना में त्रुटि या शिक्षा विभाग की लापरवाही?
छात्र नेता दिलीप कुमार ने इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से सिर्फ BPSC TRE-4 के ऐलान ही किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसका विज्ञापन सामने नहीं आया है। दिलीप कुमार ने बताया कि खुद बीपीएससी की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि शिक्षक भर्ती के चौथे चरण की अधियाचना वापस कर दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शिक्षा विभाग ने कैसी अधियाचना भेजी थी, जिसमें इतनी त्रुटियां थीं कि उसे बीपीएससी को वापस करना पड़ा।
दिलीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा।’
बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने बताया है कि अधियाचना में कुछ तकनीकी खामियां थीं, जिसके चलते उसे लौटा दिया गया। इस पूरे प्रकरण को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की कार्यप्रणाली और योग्यता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
BSSC अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी बोले दिलीप कुमार
शिक्षक भर्ती के साथ ही छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर की नियुक्ति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीएसएससी में लंबे समय से कोई स्थाई अध्यक्ष नहीं था, जिससे आयोग के कामकाज में दिक्कतें आ रही थीं। सरकार पर दबाव बनाने के बाद शोभा अहोतकर को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया गया है।
दिलीप कुमार ने शोभा अहोतकर को बचपन से जानने का दावा किया। उन्होंने बताया कि जब वह 9वीं या 10वीं कक्षा में थे, तब शोभा अहोतकर दरभंगा की एसपी थीं। दिलीप कुमार ने नई अध्यक्ष से उम्मीद जताई है कि वह अपने कड़क मिजाज और ईमानदारी से बीएसएससी के कामकाज को सुधारेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक अच्छी पदाधिकारी को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाने के लिए धन्यवाद भी दिया। छात्र नेता ने कहा कि शोभा अहोतकर से अपेक्षा है कि वह ‘कलंकित’ बीएसएससी को साफ-सुथरा कर देंगी।
अब देखना यह होगा कि बिहार सरकार और शिक्षा विभाग BPSC TRE-4 के विज्ञापन को लेकर छात्रों के गुस्से को कैसे शांत करते हैं। साथ ही, बीएसएससी की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर आयोग की छवि सुधारने और लंबित भर्तियों को पूरा करने में कितनी सफल होती हैं, यह भी समय बताएगा।








