Bihar Railway Safety: मॉनसून की दस्तक के साथ ही पूर्व मध्य रेलवे ने बिहार में रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए, रेलवे ट्रैक और पुल-पुलियों की अब 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में रेल परिचालन प्रभावित न हो और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए।
किन मंडलों पर है विशेष फोकस?
पूर्व मध्य रेलवे ने अपने पांच प्रमुख रेल मंडलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। इनमें दानापुर, सोनपुर, समस्तीपुर, धनबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) रेल मंडल शामिल हैं। इन सभी मंडलों में पानी निकालने की व्यवस्था, ट्रैक की स्थिति और पुलों की मजबूती पर लगातार नजर रखी जा रही है। रेलवे अधिकारी हर छोटी से छोटी समस्या का समय रहते पता लगाकर उसका समाधान करने में जुटे हैं।






इन बड़े पुलों पर रहेगी पैनी नजर
सबसे ज्यादा ध्यान उन रेल पुलों पर केंद्रित है, जो गंगा और सोन जैसी बड़ी नदियों पर बने हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका के कारण कोइलवर रेल पुल, दीघा-सोनपुर जेपी सेतु और राजेंद्र सेतु पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। रेलवे के इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग के कर्मचारी हर दिन इन महत्वपूर्ण पुलों और ट्रैक की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, ताकि संभावित खतरों को पहले ही भांपा जा सके।
जल निकासी और पेट्रोलिंग की खास तैयारी
बारिश से होने वाली दिक्कतों को रोकने के लिए रेलवे ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। सभी कल्वर्ट और जल निकासी के पॉइंट्स की सफाई पूरी कर ली गई है। ट्रैक के आसपास पानी जमा न हो, इसके लिए अतिरिक्त ड्रेनेज व्यवस्था भी की गई है। जहां भी पानी जमा होने की संभावना होगी, वहां तुरंत मोटर पंप के जरिए पानी निकाला जाएगा। प्रत्येक प्रमुख रेल पुल के लिए ‘डेंजर लेवल’ तय कर दिया गया है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मॉनसून के दौरान नियमित ट्रैक निरीक्षण के साथ-साथ ‘मॉनसून पेट्रोलिंग’ भी शुरू कर दी गई है। कर्मचारी दिन-रात ट्रैक पर निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी क्षति या जलभराव की जानकारी तुरंत मिल सके और त्वरित कार्रवाई हो सके। रेलवे ने मौसम विज्ञान विभाग के साथ भी अपना समन्वय बढ़ाया है। भारी बारिश की चेतावनी मिलते ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षा के उपाय किए जा सकें।








