spot_img

Supreme Court Guidelines अब नहीं चलेगा ‘लज्जा भंग’ ‘लज्जा भंग’ और ‘बेबस महिला’ ! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, RAPE Case में इन शब्दों का इस्तेमाल करने से रोका!

Supreme Court Guidelines: सर्वोच्च न्यायालय ने यौन अपराधों की सुनवाई में संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब 'बेबस महिला' जैसे अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे, बल्कि पीड़ित को सम्मानजनक भाषा मिलेगी।

spot_img
- Advertisement -

Supreme Court Guidelines: देश के सर्वोच्च न्यायालय ने यौन अपराधों से जुड़े मामलों में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी करते हुए न्यायाधीशों को ‘लज्जा भंग’ और ‘बेबस महिला’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। इस महत्वपूर्ण कदम का उद्देश्य पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को बढ़ावा देना और यौन हिंसा के शिकार लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना है।

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि अदालती कार्यवाही में अब ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा, जिससे यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की गरिमा को ठेस पहुँचे या उनके प्रति पूर्वाग्रह झलके। पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली समिति ने इन दिशानिर्देशों को तैयार किया है, जिन पर अब सभी जजों को अमल करना होगा।

- Advertisement -

न्यायाधीशों को किन शब्दों से बचना होगा?

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी नई गाइडलाइंस में जजों को कुछ विशेष शब्दों और वाक्यांशों के प्रयोग से सख्त मना किया गया है। ये शब्द अक्सर यौन अपराधों के मामलों में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं, लेकिन ये पीड़ित को और अधिक आहत कर सकते हैं:

‘प्रोसक्यूट्रिक्स’ (शिकायतकर्ता महिला), ‘बेबस महिला’, ‘पवित्रता खो दी’ और ‘लज्जा भंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

- Advertisement -

इन शब्दों का प्रयोग अक्सर यौन उत्पीड़न के पीड़ितों को दोषी ठहराने या उनकी स्थिति को कमतर आँकने के लिए किया जाता रहा है। अब इन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

यह भी पढ़ें:  दरभंगा में बाइक चोरों का खुला खेल! आपके इलाके में भी हो सकती है वारदात| जाले में एक साथ 3 बाइक चोरी

पीड़ितों के लिए सम्मानजनक भाषा का निर्देश

गाइडलाइंस में उन तटस्थ और सम्मानजनक शब्दों का भी सुझाव दिया गया है, जिनका इस्तेमाल अब अदालती कार्यवाही में किया जाना चाहिए। यह बदलाव यौन उत्पीड़न के पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सुधार है।

  • पीड़ित: विक्टिम
  • उत्तरजीवी: सर्वाइवर
  • शिकायतकर्ता: कंप्लेनेंट
  • शारीरिक स्वायत्तता: बॉडीली ऑटोनॉमी (शरीर पर अपना अधिकार)
  • यौन हमला: सेक्सुअल असॉल्ट
यह भी पढ़ें:  बांकीपुर में हार के बाद भी प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान: बिहार के इन मुद्दों पर केंद्र को घेरा, किया बड़ा खुलासा!

इन शब्दों का प्रयोग यह सुनिश्चित करेगा कि न्यायिक प्रक्रिया में पीड़ित को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ देखा जाए। इन दिशानिर्देशों का मुख्य जोर यौन अपराधों से जुड़े फैसलों में अधिक संवेदनशीलता लाने और पीड़ित पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर है।

न्यायपालिका में संवेदनशीलता की नई पहल

जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि न्यायपालिका को यौन अपराधों के मामलों में अपनी भाषा और दृष्टिकोण में बदलाव लाना होगा। यह न केवल कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि पीड़ितों को न्याय पाने के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण भी प्रदान करेगा। इस पहल से उम्मीद है कि यौन हिंसा के मामलों में न्यायिक निर्णय अधिक मानवीय और न्यायसंगत होंगे, जिससे समाज में पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

पाकिस्तान को पचेगा नहीं …ट्रंप ने दिया बड़ा झटका! ईरान संकट में मध्यस्थता से किया बाहर, चौंकाने वाले नाम बताए

Pakistan Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संकट में मध्यस्थ देशों की सूची से पाकिस्तान को बाहर कर दिया है। ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई और कतर का नाम लिया, जिससे शहबाज#PakistanIran,#DonaldTrump,#ShehbazSharif

Indo -Nepal Border के पश्चिमी चंपारण में चमत्कार! उफनती नदी में फंसे नेपाल से लौट रहे 11 श्रद्धालुओं को युवाओं ने ऐसे बचाया, जानें...

Bihar Flood Rescue: पश्चिमी चंपारण में सहोदरा गांव के युवाओं ने अदम्य साहस दिखाते हुए तमसा नदी के तेज बहाव में फंसे 11 श्रद्धालुओं की जान बचाई। मानव श्रृंखला बनाकर किया रेस्क्यू।#BiharFloodRescue,#WestChamparanNews,#HumanChainRescue

Breaking पटना में छात्रों का महासंग्राम शुरू है ! CM हाउस घेरने की तैयारी, पुलिस ने बिछाया जाल, जानें वजह

Bihar Congress Protest: बिहार में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस और NSUI मंगलवार को पटना में सीएम हाउस का घेराव करेगी। पुलिस ने सुरक्षा के कड़#BiharCongressProtest,#PatnaNews,#NSUI

पटना के लोगों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान! 3675 करोड़ का प्रोजेक्ट – सरिस्ताबाद से दीदारगंज -12 KM एलिवेटेड और एट-ग्रेड कॉरिडोर |...

Patna Road Project: पटना में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सरिस्ताबाद से दीदारगंज तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। 3,675 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना लाखों#PatnaRoadProject,#BiharTraffic,#ElevatedCorridor