Bihar SDRF: श्रावणी मेला के दौरान भागलपुर में एक बड़ा हादसा टल गया। बारारी पुल घाट पर ड्यूटी में तैनात SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम ने अपनी असाधारण सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रही एक महिला की जान बचा ली। इस घटना ने एक बार फिर श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में SDRF के महत्व को रेखांकित किया है।
पारिवारिक विवाद के कारण गंगा में कूदने का था इरादा
मिली जानकारी के अनुसार, महिला किसी पारिवारिक विवाद के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। उसने आत्महत्या करने की नीयत से गंगा नदी में छलांग लगाने की कोशिश की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर मौजूद SDRF टीम ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया।






टीम के सदस्यों ने फुर्ती दिखाते हुए महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया से एक बहुमूल्य जीवन बचाया जा सका।
SDRF ने दिखाई मानवीय संवेदनशीलता
रेस्क्यू किए जाने के बाद भी महिला गहरे मानसिक सदमे में थी। वह लगातार नदी में फिर से कूदकर अपनी जान देने की बात दोहरा रही थी। SDRF टीम ने ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
उन्होंने महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में रखा और उसे समझाया-बुझाया। इसके बाद, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और आगे की सहायता के लिए महिला को बारारी थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
श्रावणी मेला में सुरक्षा का घेरा
श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न घाटों पर SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। यह घटना दर्शाती है कि बचाव दलों की निरंतर सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता ही ऐसे संकटकालीन क्षणों में जीवन बचाने का आधार बनती है। SDRF की यह कार्रवाई बिहार में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और दक्षता का प्रमाण है।








