Patna Cyber Crime: राजधानी पटना में साइबर अपराधियों ने अब धोखाधड़ी के नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। दो अलग-अलग मामलों में लोगों को निशाना बनाते हुए कुल 18.35 लाख रुपये की ठगी की गई है। एक घटना में महिला के खाते से 11.35 लाख रुपये उड़ा लिए गए, वहीं दूसरे मामले में पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर 7 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। इन घटनाओं ने साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
महिला के खाते से 11.35 लाख रुपये कैसे उड़े?
पटना के रूकनपुरा में रहने वाली रिंकी देवी, जो मूल रूप से कटिहार जिले के कोढ़ा की निवासी हैं, साइबर ठगी का शिकार हुईं। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। रिंकी देवी ने बताया कि उन्हें मोबाइल पर उनके खाते से पैसे निकलने का संदेश मिला। उनके अनुसार, उन्होंने केवल अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के साथ बैंक खाता संख्या और ओटीपी साझा किया था। इसके कुछ ही समय बाद उनके खाते से 11.35 लाख रुपये की बड़ी रकम निकाल ली गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।






‘थ्री डॉट्स’ क्लिक करते ही 7 लाख का चूना
न्यू महावीर कॉलोनी निवासी नागेंद्र नाथ के साथ हुई ठगी का तरीका और भी चौंकाने वाला है। साइबर ठगों ने उन्हें पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा दिया। नागेंद्र नाथ ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें पेंशन कार्ड बनाने की बात कही गई। कॉल करने वाले ने उन्हें अपने मोबाइल में केवल ‘थ्री डॉट्स’ (तीन बिंदु) पर क्लिक करने के लिए कहा। हैरानी की बात यह है कि इसके कुछ ही देर बाद उनके खाते से 7 लाख रुपये निकल गए। नागेंद्र नाथ का कहना है कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी साझा किया और न ही बैंक खाते की कोई गोपनीय जानकारी दी। इसके बावजूद उनके खाते से रकम निकल गई, जो यह दर्शाता है कि ठगों ने किसी नए तकनीकी तरीके का इस्तेमाल किया है।
पुलिस की अपील और आगे की जांच
साइबर थाना पुलिस ने दोनों मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से लगातार अपील कर रही है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या स्क्रीन शेयरिंग के झांसे में न आएं। बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, पासवर्ड या खाता संख्या किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। इन नई ठगी की घटनाओं के बाद पुलिस साइबर अपराधियों के नए तौर-तरीकों को समझने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके लगातार बदल रहे हैं और लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।








