Bihar Chehllum: बिहार के दरभंगा जिले में पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में शिया समुदाय ने मंगलवार को चेहल्लुम मनाया। जाले प्रखंड की कछुआ और रतनपुर पंचायत में यह आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मातमी जुलूस निकाला गया, जो इमाम हुसैन और उनके साथियों के बलिदान को याद करने का एक भावुक क्षण था।
कर्बला में गूंजी ‘या हुसैन’ की सदाएं, जंजीर से किया मातम
चेहल्लुम के अवसर पर कछुआ पंचायत के बड़ी मलिकपुर और रतनपुर पंचायत के कलवारा गांव में शिया समुदाय के लोग इमामबाड़ा से नोहा पढ़ते हुए रिजवी चौक पहुंचे। वहां से जुलूस पुनः इमामबाड़ा होते हुए कर्बला पहुंचा। कर्बला में इमाम हुसैन की याद में गहरा मातम मनाया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने जंजीर, तलवार और ब्लेड से मातम किया, जो उनके अदम्य साहस और शहादत के प्रति अपनी अटूट आस्था का प्रतीक था।







मातम के बाद शिया समुदाय के लोगों ने ‘सेहरे’ को दफन किया। चेहल्लुम से ठीक एक दिन पहले, सोमवार को ‘आग का मातम’ भी आयोजित किया गया था, जो इस धार्मिक अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात
इस भावुक और महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल के नेतृत्व में पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। समुदाय के लोगों ने प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सजर अली, हैदर अली, अनवर इमाम, जाबिर हुसैन, आले हसन, अफजल हुसैन, माहताब अली, हसन अब्बास सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और हजारों की संख्या में शिया समुदाय के लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन इमाम हुसैन के त्याग और बलिदान की स्मृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।









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