Bihar EOU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में, EOU की टीम ने सारण के पूर्व DPO (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर के छपरा स्थित सरकारी आवास पर गुरुवार की सुबह छापा मारा। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है, जहां उनके बैंक खातों से 2.51 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
जांच अधिकारियों को शुरुआती तौर पर जो जानकारी मिली है, वह चौंकाने वाली है। पूर्व DPO अजीत अमर को पिछले 32 महीनों में कुल 27 लाख रुपये का वेतन मिला था, जबकि उनके बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये के बड़े लेनदेन के सबूत मिले हैं। इस भारी विसंगति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।






करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन की गहन जांच
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने छपरा स्थित सरकारी आवासीय परिसर में पूर्व DPO अजीत अमर के ठिकाने पर दस्तावेजों को खंगालना शुरू किया। EOU के अधिकारी बैंक स्टेटमेंट, निवेश संबंधी कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस छापेमारी के बाद शहर में हड़कंप मच गया है, और सरकारी महकमे में ईमानदारी पर सवाल उठने लगे हैं।
आर्थिक अपराध इकाई के एक अधिकारी ने बताया, ‘छापेमारी के दौरान पूर्व DPO अजीत अमर के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। यह राशि उनके 32 माह के कुल वेतन 27 लाख रुपये से कई गुना अधिक है। हम सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं।’
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की बड़ी कवायद
यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है। EOU लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकंजा कस रही है। अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में आगे की जांच जारी है, और जल्द ही इस संबंध में और खुलासे होने की संभावना है। इस मामले से राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को और बल मिलेगा।








